बरेली: कोरोना काल में अवैध कॉलोनियां बसाने वालों की अब आफत

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल का फायदा उठाकर अधाधुंध अवैध कॉलोनियों को विकसित करने वाले कॉलोइनाजरों की अब आफत आ गई है। इन दिनों बीडीए अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि इन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ तोबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। इससे प्राधिकरण को तीन महीने …

अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल का फायदा उठाकर अधाधुंध अवैध कॉलोनियों को विकसित करने वाले कॉलोइनाजरों की अब आफत आ गई है। इन दिनों बीडीए अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि इन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ तोबड़तोड़ कार्रवाई की गई है।

इससे प्राधिकरण को तीन महीने के अंदर रिकार्ड करीब 20 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया है। बीडीए अफसरों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई आगे भी की जाएगी।

पिछले साल फरवरी-मार्च में कोरोना का प्रकोप शुरू होने के बाद दफ्तर बंद हो गए थे। इसके बाद से बीडीए की अवैध निर्माण को लेकर निगरानी भी बंद हो गई थी।

इसका कई महीनों तक फायदा अवैध तौर से निर्माण कराने की फिराक में लगे कॉलोनाइजरों को मिला। उन्होंने गुपचुप तरीके से एक के बाद एक गुपचुप तरीके से कॉलोनियां विकसित कर लीं।

बताते हैं कि कोरोना काल के दौरान पीलीभीत बाईपास, सौ फुटा, वीरसावरकर नगर, मुंशीनगर, सीबीगंज, मुंशीनगर, नैनीताल रोड, मिनी बाईपास सहित शहर के तमाम हिस्सों में बीडीए से नक्शा पास कराए बगैर ही कॉलोनियों को न केवल बसा दिया गया, बल्कि उन्हें बे-रोकटोक बिक्री भी कर दी गई। कोरोना काल खत्म होने के बाद बीडीए ने अब इन अवैध कॉलोनियों को निशाने पर लेकर उनकी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। बीडीए ने हाल में कई जगहों पर अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की है।

केस नंबर एक
अर्बन सीलिंग से अतिरिक्त खाली भूमि (जो कि राज्य सरकार के पक्ष में निहित हो चुकी थी) को लेकर जनपद न्यायालय द्वारा बरेली विकास प्राधिकरण की दायर अपील पर आदेश पारित करते हुए सीलिंग की भूमि राज्य सरकार के पक्ष में घोषित की गई थी। इस क्रम में 18 फरवरी को को गाटा संख्या-95/2, सौ फुटा रोड के निकट पीलीभीत बाईपास मार्ग पर ग्राम तुलाशेरपुर की लगभग 5000 वर्गमीटर भूमि, बाजार मूल्य लगभग 50-55 करोड़ रुपये की भूमि को बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा अतिक्रमण मुक्त करते हुए अपने कब्जें में ले लिया गया।

केस नंबर-दो
यामीन कुरैशी द्वारा शाहजहांपुर रोड खुर्रमा गौटिया, बरेली पर मानचित्र स्वीकृत कराए बिना लगभग 200 वर्गमीटर में दुकानों के पीछे बेसमेन्ट का निर्माण कराया जा रहा था। इस मामले में निर्माणकर्ता के विरुद्ध उत्तरप्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए बीडीए की टीम ने निर्माण बंद कराते हुए कार्य स्थल सील कर दिया था।

केस नंबर-तीन
बीडीए की टीम सीबीगंज में खड़ौआ-जौहरपुर रकबे की जमीन पर पहुंची। वहां बिना मानचित्र स्वीकृत कराए हुए करीब 800 वर्ग मीटर भूमि पर कॉलोनी विकसित कराई जा रही थी। भूखंड मालिक मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने इस भूमि पर तीन भवन भी लोगों को बेच कर तैयार करा दिए। बीडीए ने यहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

बीडीए अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहा है। बड़ी कार्रवाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीडीए ने पिछले तीन महीने के दौरान इन कार्रवाई से रिकार्ड करीब 20 करोड़ की वसूली की है। -जोगिंदर सिंह, बीडीए वीसी

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