बेटी की शादी की तैयारी, शिक्षा विभाग में इंक्वायरी
रजनेश सक्सेना, बरेली। साहब… क्या आदित्य (परिवर्तित नाम) नाम का लड़का आपके स्कूल में शिक्षक है? मुझे बताया गया कि अभी-अभी उसकी नौकरी लगी है। मुझे बिटिया की शादी करनी है। जब सुना, लड़का सरकारी नौकर है तो आपसे हकीकत जानने आ गया। कुछ इसी तरह की बातें आजकल बेसिक शिक्षा विभाग में सुनने को …
रजनेश सक्सेना, बरेली। साहब… क्या आदित्य (परिवर्तित नाम) नाम का लड़का आपके स्कूल में शिक्षक है? मुझे बताया गया कि अभी-अभी उसकी नौकरी लगी है। मुझे बिटिया की शादी करनी है। जब सुना, लड़का सरकारी नौकर है तो आपसे हकीकत जानने आ गया। कुछ इसी तरह की बातें आजकल बेसिक शिक्षा विभाग में सुनने को मिल रही हैं। कार्यालय में पहुंचकर लोग बीएसए और कार्यालय बाबुओं से कुंवारे लड़के-लड़कियों की जानकारी मांग रहे हैं। हालांकि, इसमें कुछ सफल भी हो रहे हैं।
हाल ही में बरेली में पहले चरण में 712 और दूसरे चरण में 452 शिक्षकों की भर्ती हुई थी। कुल मिलाकर देखा जाए तो बरेली में कुल 1164 शिक्षकों की भर्ती हुई है। इसमें 50 फीसदी से ऊपर कुंवारे लड़के-लड़कियां हैं। इनके शिक्षक बनने के बाद ही इनकी शादियों के लिए रिश्ते ढूंढे जाने लगे हैं। विभाग के कई लोग आपस में रिश्ता करने की योजनाएं बना रहे हैं तो कुछ बाहर से भी लोग कुंवारे शिक्षकों की जानकारी बीएसए कार्यालय से मांग रहे हैं। यहां तक कि देहात क्षेत्र में तैनात शिक्षकों की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारियों से भी एकत्र की जा रही है जिससे अभिभावक अपने बच्चों का घर एक सरकारी नौकरी वाले दामाद या बहू से बसा सकें।
कुछ इस तरह के हैं मामले
केस-1
लड़का खाने-पीने का तो शौकीन नहीं है
बीते दिनों रामनगर ब्लॉक के एक अभिभावकों को जब कुंवारे शिक्षकों के बारे में जानकारी मिली तो सबसे पहले उन्होंने शिक्षा विभाग के एक आधिकारी से पूछा कि लड़का खाने-पीने वाला तो नहीं है। कोई शौक रखता हो। इस पर साहब का तत्काल जवाब था कि स्कूल में तो उसकी कोई हरकतें सामने नहीं आईं। अब पर्सनल लाइफ में क्या चल रहा है, इसका नहीं पता।
केस-2
बाबूजी बोले-आंख बंद करके कर दो रिश्ता
बेसिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बीते दिनों खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एक अभिभावक पहुंचे थे। बातों-बातों में उन्होंने एक कुंवारे शिक्षक के बारे में ऑफिस के बाबू से पूछताछ की। कहा कि लड़का नशा तो नहीं करता है, इस पर बाबूजी ने तुरंत उत्तर दिया, नहीं… नहीं… एक दम सज्जन लड़का है। अभी तो उसकी भर्ती हुई है। ऐसा दामाद आपको ढूंढने से भी नहीं मिलेगा। आंख बंद करके कर दो रिश्ता।
केस-3
शिक्षक भी चाहते हैं शिक्षक दामाद
कर्मचारी नगर में रहने वाले एक शिक्षक बीते दिनों बीएसए कार्यालय में पहुंचे थे। उन्होंने वहां नवनियुक्त एक शिक्षक के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि वह अपनी बेटी के लिए रिश्ता ढूंढ रहे हैं। वह चाहते हैं कि दामाद भी उन्हें शिक्षक मिल जाए।
सबसे आगे जिले के चार ब्लॉक
बरेली जिले में कुंवारे शिक्षकों की जानकारी लेने में सबसे आगे रामनगर, बहेड़ी, शेरगढ़ और भदपुरा है क्योंकि इन ब्लॉकों में सबसे अधिक नवनियुक्त शिक्षक पहुंचे हैं। इसलिए जो भी अभिभावक पूछताछ करने आता है। वे इन्हीं ब्लॉकों से संबंधित अधिकारियों या फिर कर्मचारियों से पूछताछ करता है। इस मामले में बीएसए विनय कुमार ने बताया कि कई तरह के अभिभावक हमारे अधिकारियों कर्मचारियों से रिश्तों के लिए पूछताछ करते हैं मगर हम उन्हें गोपनीय जानकारी के बारे में नहीं बता सकते।
