उत्तर प्रदेश विधान परिषद में छह संशोधन समेत सात विधेयक पारित

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद ने शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक समेत सात संशोधन विधेयकों को आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। भोजनावकाश के बाद सदन की बैठक अपराह्न 04ः30 बजे सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह के सभापतित्व में प्रारम्भ हुई। इस दौरान सभापति ने कार्य परामर्शदात्री समिति की 23 से फरवरी से 10 मार्च तक के …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद ने शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक समेत सात संशोधन विधेयकों को आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। भोजनावकाश के बाद सदन की बैठक अपराह्न 04ः30 बजे सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह के सभापतित्व में प्रारम्भ हुई।
इस दौरान सभापति ने कार्य परामर्शदात्री समिति की 23 से फरवरी से 10 मार्च तक के कार्यक्रम की संस्तुतियों को सदन की मेज पर रखा।

उसके बाद परिषद के प्रमुख सचिव ने विधानसभा द्वारा पारित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक, 2021,चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) विधेयक, सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश भू-गर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) (संशोधन) विधेयक, राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय विधेयक, राज्य आयुविज्ञान विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश (संशोधन) विधेयक और उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति तथा खरीद विनियमन) (संशोधन) विधेयकों को अपेक्षानुसार विलम्ब के कारणों सहित सदन की मेज पर रखा गया।

इसी बीच याचिकाओं को याचिका समिति को र्निदिष्ट किया गया। उसके बाद मेज पर रखे सभी विधेयक विचारोपरान्त ध्वनिमत से पारित हो गये और सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने सदन की कार्यवाही 24 फरवरी पूर्वाह्न 11ः00 बजे तक के लिये स्थगित कर दी।

इस दौरान विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कराए जाने का विरोध करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य सदन में ही धरने पर बैठ गए। सपा सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उसके बाद सपा के सभी सदस्य सदन के बीचोबीच आ गए और उनमें से कई धरने पर बैठ गए।

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