मुरादाबाद: 100 हेक्टेयर भूमि पर होगी शाक-भाजी की खेती, एकीकृत बागवानी विकास मिशन में जुटा उद्यान विभाग
मुरादाबाद, अमृत विचार। किसान भाइयों के लिए राहत की बात है। अब सब्जी उगाने के खर्च में सरकार मददगार होगी। यानी की शाक-भाजी उगाने वालों के खर्च का कुछ हिस्सा सरकार चुकाएगी। जिन किसानों और कास्ताकारों ने खेत में सब्जी उगाई है, उनके खाते में सहायता राशि भेज दी जाएगी। एक खाताधारक इस योजना में …
मुरादाबाद, अमृत विचार। किसान भाइयों के लिए राहत की बात है। अब सब्जी उगाने के खर्च में सरकार मददगार होगी। यानी की शाक-भाजी उगाने वालों के खर्च का कुछ हिस्सा सरकार चुकाएगी। जिन किसानों और कास्ताकारों ने खेत में सब्जी उगाई है, उनके खाते में सहायता राशि भेज दी जाएगी। एक खाताधारक इस योजना में 40 हजार रुपए तक अनुदान हासिल कर सकेगा। इसके लिए किसानों और बागवानों को सब्जी की बोआई, खाद, दवा और मेहनताना का विवरण देना होगा।
छोटे किसानों और बागवानी करने वालों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। राज्य सरकार ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के लिए बजट जारी कर दिया है। जिसके तहत जिले में 100 हेक्टेयर जमीन पर शाक-भाजी की खेती होगी। इस योजना के तहत किसानों को खर्च में 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। मिशन बागवानी में चार सब्जियों और फसलों को स्वीकृति मिली है। यानी कि टमाटर, फूल गोभी, पत्ता गोभी और शिमला मिर्च उगाने वाले परिवार को यह अनुदान दिया जाएगा। इस लक्ष्य में 90 खेती सामान्य वर्ग के किसानों मौका मिलेगा, जबकि 10 प्रतिशत यानी हेक्टेयर खेती का अनुदान अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।
विभाग के सर्वे में एक हेक्टेयर में 50,000 रुपए का खर्च आंका गया है। विभाग ऐसे आवेदकों के प्रस्ताव का सत्यापन करेगा, जिसके आधार पर यह योजना क्रियान्वित होगी। अधिकतम दो हेक्टेयर की खेती वाला एक खाताधारक सब्जी पर अनुदान ले सकता है। बागवान को उद्यान विभाग के सामने सब्जियों की खेती के खर्च का विवरण देना होगा। उस आधार पर किसान के खाते में अनुदान की राशि भेजी जाएगी। यानी प्रति हेक्टेयर 20,000 की सहायता दी जाएगी। बागवानी मिशन में सरकार छोटे किसानों के परिवार की मेहनत को इस योजना में इनाम देगी। अधिकतम दो हेक्टेयर भू-भाग पर सब्जियों की खेती करने वाले को सरकार की ओर से 40,000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि यह मिशन किसानों को बड़े पैमाने पर रोजगार का मौका देगा। जिले के 120 किसानों ने इस योजना में आवेदन किए हैं। किसानों को खेती-बागवानी के खर्च का विवरण देना होगा। रकबा के आधार पर अनुदान खाते में भेजा जाएगा। इसके लिए बजट मिल गया है।
-आशुतोष मिश्र
