मुरादाबाद: सफाईकर्मी को नौकरी से निकालने पर हंगामा, सीएमएस का किया घेराव
मुरादाबाद, अमृत विचार। महिला अस्पताल में एक सफाईकर्मी को नौकरी से निकाले जाने पर हंगामा खड़ा हो गया। सीएमएस कैंपस स्थित जिस रूम में यह कर्मचारी व उसका परिवार रहता था, उसकी बिजली लाइन काट दी गई। उस रूम से उसे बाहर कर दिया गया। इस घटना के बाद काफी हंगामा हुआ। कर्मचारी के समर्थन …
मुरादाबाद, अमृत विचार। महिला अस्पताल में एक सफाईकर्मी को नौकरी से निकाले जाने पर हंगामा खड़ा हो गया। सीएमएस कैंपस स्थित जिस रूम में यह कर्मचारी व उसका परिवार रहता था, उसकी बिजली लाइन काट दी गई। उस रूम से उसे बाहर कर दिया गया। इस घटना के बाद काफी हंगामा हुआ। कर्मचारी के समर्थन में आए संगठनों ने सीएमएस का घेराव कर चेतावनी दी।
सफाईकर्मी राजेंद्र वाल्मीकि अपनी पत्नी व चार बच्चों के साथ सीएमएस कैंपस में बने सुलभ शौचालय के एक कमरे में रहता था। 16 साल से वह यहां काम कर रहा है। अस्पताल की ओर से उसे इन सालों में मात्र दो महीने का वेतन मिला और अब छत भी छीन ली। नौकरी से निकाल दिया। जब उसने सीएमएस से बात की तो उन्होंने ड्यूटी पर आने से साफ मना कर दिया।
कर्मचारी के समर्थन में अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ, अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा, जाति मुक्त भारत आदि के सदस्य भी उतर आए। उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत करने की चेतावनी दी, लेकिन सीएमएस कार्रवाई पर अड़ी रहीं। समर्थन देने वालों में महावीर प्रसाद मौर्य, चंदन सिंह रैदास, आनंद राही, अभिषेक रत्नाकर, ललित कुमार, सिद्धांत वाल्मीकि, यश चंदेल, कुनाल, निखिल, अजय, विशु, राज, जतिन व निश्चय रहे।
रूम नहीं, वह सुलभ शौचालय है: सीएमएस
मुख्य चिकित्साधीक्षक सुनीता पांडेय ने बताया कि सफाईकर्मी और उसका परिवार अवैध रूप से सुलभ शौचालय में रह रहा था। वह रूम नहीं शौचालय है। एक ही परिवार के छह सदस्यों के वहां रहने से ओपीडी में आने वाले मरीजों को काफी परेशानी होती थी। शौचालय जाने में उन्हें असुविधा होती थी। बाहर निकलने के लिए कर्मचारी को नोटिस भी जारी किया गया था। वह कब से वहां रह रहे हैं, इसका कोई मतलब नहीं है। जरूरी यह है कि जिस कार्य के लिए वह परिसर बना है, उसका प्रयोग उस ही तरह होना चाहिए।
