बरेली: तीन हजार वाहनों में मात्र 240 में लगा आरएफ आइडी टैग

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। ओवरलोडिंग वाहनों पर सख्ती करने के लिए सरकार ने जीएसटी के दायरे में आने वाले सामानों को ढोने वालों ट्रांसपोर्टरों को ट्रकों पर आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी) आईडी टैग लगवाना जरूरी किया है। जनवरी माह में इसको लेकर फरमान जारी किया गया था लेकिन सरकार के सख्त दावे जिले में खोखले साबित हो …

अमृत विचार, बरेली। ओवरलोडिंग वाहनों पर सख्ती करने के लिए सरकार ने जीएसटी के दायरे में आने वाले सामानों को ढोने वालों ट्रांसपोर्टरों को ट्रकों पर आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी) आईडी टैग लगवाना जरूरी किया है। जनवरी माह में इसको लेकर फरमान जारी किया गया था लेकिन सरकार के सख्त दावे जिले में खोखले साबित हो रहे हैं।

करीब तीन हजार वाहनों में से मात्र 240 ने टैग लगवाया है। जानकारों का कहना है यह टैग फास्टैग की तर्ज पर काम करता है। टैग लगा होने पर टोल या जिले की सीमा पार करते ही ट्रक का ब्योरा एक रेडियो फ्रीक्वेंसी टॉवर के माध्यम से वाणिज्यकर विभाग के लखनऊ स्थित सर्वर पर ऑटोमैटिक दर्ज हो जाता है, जिसमें ट्रक नंबर,उस नंबर पर ताजा बने ई-वे बिल का पूरा ब्योरा मिल जाता है।

24 घंटे की अवधि में ट्रक जिले की सीमा या टोल से दो या तीन बार गुजरता है, तो उसका ब्योरा भी आ जाता है। इससे ये पता चल सकेगा कि ट्रक में किस-किस ई-वे बिल का माल कहां कहां गया। इस व्यवस्था के प्रभावी तरीके लागू होने से जहां ओवरलोडिंग पर लगाम लगेगी साथ ही ट्रांसपोर्टर्स में भी जुर्माने का डर बना रहेगा।

आरएफआईडी टैग इसलिए भी जरूरी
सरकार की सुविधाओं का व्यापारी गलत तरीके से फायदा उठा रहे हैं। वह टैक्स जमा करने के बजाए चोरी कर रहे हैं। अनलॉक में इसका खूब फायदा उठाया गया। इसलिए अब जिम्मेदार किसी भी तरह से टैक्स चोरी नहीं होने देना चाहते। कोई ट्रांसपोर्टर इस तरह की गलती करता है तो उस पर पहली बार में दो हजार रुपये और बार-बार पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा।

तीन हजार वाहनों पर लगना है टैग
एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब तीन हजार छोटे-बड़े ट्रक हैं। इनमें बमुश्किल तीन सौ ट्रकों पर ही आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी) आईडी टैग लगा है। अब शासन से हुई सख्ती के बाद फिर से ट्रांसपोर्टरों को इसकी अनिवायर्ता बताकर टैग लगवाने के लिए कहा गया है। अधिकारियों के अलावा ट्रांसपोर्टस का भी मानना है। टैग लगने से काफी हद तक टैक्स चोरी पर लगाम लग सकेगी।

इनकी सुनें-
ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष शोभित सक्सेना का कहना है जीएसटी चोरी पर लगाम कसने को सरकार की यह व्यवस्था काफी हद तक ठीक है। कैंप लगाकर ट्रकों में टैग लगाए जा रहे हैं। करीब 250 वाहनों पर यह टैग लग चुका है। सरकार को इस पर सख्ती करना चाहिए। इसका सरकारी रेट लगभग 85 रुपये है, जो हमेशा बना रहेगा, बशर्ते कि वह टैग से छेड़छाड़ न हो।

टैक्स चोरी रोकने में मददगार होगा टैगिंग सिस्टम
अभी तक काराबोरी व ट्रांसपोर्टर आपस में मिल पर ई-वे बिल का दुरुपयोग कर टैक्स की चोरी कर रहे थे। इस सिस्टम के लागू होने पर ई-वे बिल का गलत इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। दूसरे प्रांतों को जाने वाले और आने वाले माल पर टैक्स चोरी पर अंकुश लग जाएगा।
– गौरीशंकर, डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्यकर विभाग

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