बरेली: 11 मार्च को शिव योग में मनाई जाएगी महाशिवरात्रि
अमृत विचार, बरेली। भगवान शिवशंकर का महाशिवरात्रि महापर्व 11 मार्च को शिव योग में मनेगा। प्रदोष के दिन रात्रि के समय सिद्ध योग इसको और भी दुर्लभ संयोग बना रहा है। पंडित सुनील शास्त्री बताते हैं कि फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी तिथि 11 मार्च को दिन के 2:21 बजे तक है। उसके बाद फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी …
अमृत विचार, बरेली। भगवान शिवशंकर का महाशिवरात्रि महापर्व 11 मार्च को शिव योग में मनेगा। प्रदोष के दिन रात्रि के समय सिद्ध योग इसको और भी दुर्लभ संयोग बना रहा है। पंडित सुनील शास्त्री बताते हैं कि फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी तिथि 11 मार्च को दिन के 2:21 बजे तक है। उसके बाद फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 2:22 बजे लग रही है जो 12 मार्च को 2:20 बजे तक रहेगी। इसलिए यह महापर्व 11 मार्च को ही मनाया जाएगा।
बताया कि महाशिवरात्रि व्रत का पारण 12 मार्च को किया जाएगा। शिवरात्रि का अर्थ है कि वह रात्रि जिसका शिवतत्व के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध है। भगवान शिव जी के अतिप्रिय रात्रि को शिवरात्रि कहा गया है। शिवार्चन और जागरण ही इस व्रत की विशेषता है। इसमें रात्रिभर जागरण एवं रुद्राभिषेक का विधान है। श्रीपार्वती की जिज्ञासा पर भगवान शिव ने बताया कि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी शिवरात्रि कहलाती है जो उस दिन उपवास करता है वह मुझे प्रसन्न कर लेता है।
मैं अभिषेक, वस्त्र, धूप, अर्चन तथा पुष्पादिसमर्पण से उतना प्रसन्न नहीं होता जितना कि व्रतोपवास से। शिवपुराण की कोटिरुद्रसंहिता में बताया गया कि शिवरात्रि व्रत करने से व्यक्ति को भोग एवं मोक्ष दोनों ही प्राप्त होते हैं। ब्रह्मा, विष्णु तथा पार्वती जी के पूछने पर भगवान सदाशिव ने बताया कि शिवरात्रि व्रत करने से महान पुण्य की प्राप्ति होती है। मोक्षार्थी को मोक्ष की प्राप्ति कराने वाले चार व्रतों का नियमपूर्वक पालन करना चाहिए। इनमें से महाशिवरात्रि एक है।
