मुरादाबाद: गांधी आश्रम पर अब फर्नीचर भी खरीद सकेंगे लोग
मुरादाबाद, अमृत विचार। केवल खादी के कपड़ों की पहचान बन चुका खादी ग्रामोद्योग वक्त के साथ हाईटेक हो रहा है। अपनी पुरानी पहचान को बनाए रखने के साथ ही इसने अपनी आय बढ़ाने की भी पहल शुरू कर दी है। इसके लिए अब खादी ग्रामोद्योग केंद्रों पर आप छेनिक प्रयोग की वस्तुयें भी खरीद सकेंगे। …
मुरादाबाद, अमृत विचार। केवल खादी के कपड़ों की पहचान बन चुका खादी ग्रामोद्योग वक्त के साथ हाईटेक हो रहा है। अपनी पुरानी पहचान को बनाए रखने के साथ ही इसने अपनी आय बढ़ाने की भी पहल शुरू कर दी है। इसके लिए अब खादी ग्रामोद्योग केंद्रों पर आप छेनिक प्रयोग की वस्तुयें भी खरीद सकेंगे।
इसके अलावा लकड़ी से बने कुर्सी-मेज व सोफों की बिक्री भी इन केंद्रों पर की जाएगी। इससे ग्रामीणों को रोजगार का अवसर भी मिलेगा। ग्रामीण घरेलू खाद्य सामाग्रियों को यहां लाकर उचित दाम पर बेच सकते हैं। हालांकि दक्षिण के शहरों में यह कवायद काफी पहले शुरू हुई थी। लेकिन, अब मुरादाबाद जैसे महानगरों में भी यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
अभी तक मिलती थी यह सुविधा
अभी तक खादी ग्रामोद्योग केंद्रों पर केवल खादी की शर्ट, कुर्ते-पाजामे और महिलाओं की साड़ी व सूट ही मिला करते थे। लेकिन, बदलते वक्त के साथ काफी बदलाव आया है। अब लोग यहां रोजमर्रा की वस्तुयें भी खरीद सकेंगे।
अब यहां मिल सकेंगे ये समान
अब कपड़ों के साथ लकड़ी का फर्नीचर भी यहां पर उपलब्ध होगा। इसके साथ ही हाथों से बने पायदान भी लोगों को सही दाम पर मिल सकेंगे। पहले लोगों को तेल-मसालों की खरीदारी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था। लेकिन, अब लोगों को इन सबके लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं होगी। अब लोग गांधी आश्रम पर ही रोजमर्रा की वस्तुयें खरीद सकेंगे। यहां लोग तेल, मसाले, चीनी, साबुन के साथ ही अन्य वस्तुयें उचित दाम में खरीद सकेंगे।
अभी तक हम लोग केवल कपड़े, रजाई ही बेचा करते थे, लेकिन अब बदलते वक्त के साथ ग्रामोद्योग ने तेल मसाले व अन्य समानों की बिक्री शुरू कर दी है, ताकि लोगों बेहतर गुणवत्ता के साथ दैनिक प्रयोग की वस्तुयें उचित दाम पर उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही ग्रामीण परिवेश के लोगों को रोजगार भी मिलेगा। -चंद्रशेखर राज, केंद्र प्रबंधक
