बाराबंकी: महादेवा मंदिर में चढ़े पुष्प से बनेगी अगरबत्ती, महिलाओं को दिया प्रशिक्षण
बाराबंकी। धार्मिक स्थलों में चढ़ने वाले फूलों को अब सामान्य कचरे के साथ नहीं फेंका जाएगा बल्कि शिरडी की तर्ज पर बाराबंकी में इन फूलों से महिलाओं द्वारा अगरबत्ती बनाई जाएगी। यह जानकारी सूत्र संस्था द्वारा ग्राम- सेमराई रामनगर में संचालित रीड इंडिया सामुदायिक संसाधन केंद्र की समन्वयक कस्तूरी सिंह ने सीएसआईआर- सीमैप द्वारा आयोजित …
बाराबंकी। धार्मिक स्थलों में चढ़ने वाले फूलों को अब सामान्य कचरे के साथ नहीं फेंका जाएगा बल्कि शिरडी की तर्ज पर बाराबंकी में इन फूलों से महिलाओं द्वारा अगरबत्ती बनाई जाएगी। यह जानकारी सूत्र संस्था द्वारा ग्राम- सेमराई रामनगर में संचालित रीड इंडिया सामुदायिक संसाधन केंद्र की समन्वयक कस्तूरी सिंह ने सीएसआईआर- सीमैप द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदान की।
उन्होंने बताया कि महादेवा मंदिर से चढ़ने वाले फूलों को एकत्र किया जाएगा और इसे रिसाइकल करके अगरबत्ती व धूप बत्ती बनाई जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीएसआईआर- सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय यादव ने महिलाओं का उत्साहवर्धन कर उन्हें फूलों को रिसाइकल कर गुलाब जल बनाने की विधि बताई और उसका प्रशिक्षण प्रदान किया।
सीएसआईआर- सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर के श्रीवास्तव ने संस्थान के अरोमा मिशन के बारे में विस्तार से बताया और फूलों को रिसाइकल करके अगरबत्ती एवं धूपबत्ती बनाने की विधि का प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित अनिल सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक, खादी बोर्ड उत्तर प्रदेश ने बोर्ड द्वारा संचालित स्वरोजगार हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के विषय में विस्तार से बताया और महिलाओं को उसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
महादेवा मंदिर के महंत शारदा पुरी, पुजारी आदित्यनाथ ने मंदिर प्रशासन द्वारा संसाधन केंद्र को सहयोग प्रदान करने की इच्छा जताई।रीड इंडिया की अध्यक्ष डॉ. गीता मल्होत्रा ने कार्यक्रम में वर्चुअल संवाद किया और संस्थान द्वारा महिलाओं के स्वाबलंबन हेतु किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह, मनोज यादव, आनंद कुमार सिंह, मोहम्मद फुरकान, रिचा सिंह ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम में लगभग 100 महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
