इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े अंबानी के घर के पास मिली संदिग्ध कार के तार, जेल में बंद आतंकी से पूछताछ

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नई दिल्ली। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटकों से भरा वाहन मिलने के मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की एक टीम ने शनिवार को तिहाड़ जेल में इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी तहसीन अख्तर से लगभग चार घंटे पूछताछ की। तिहाड़ जेल में अख्तर की बैरक से बरामद …

नई दिल्ली। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटकों से भरा वाहन मिलने के मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की एक टीम ने शनिवार को तिहाड़ जेल में इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी तहसीन अख्तर से लगभग चार घंटे पूछताछ की।

तिहाड़ जेल में अख्तर की बैरक से बरामद एक मोबाइल फोन के बारे में संदेह है कि इसका इस्तेमाल एक टेलीग्राम चैनल बनाने के लिए किया गया, जिसे बाद में अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित घर ‘एंटीलिया’ के पास 25 फरवरी को जिलेटिन की छड़ों से लदा वाहन खड़ा करने की जिम्मेदारी लेने के लिए जैश-उल-हिंद नाम के एक समूह द्वारा इस्तेमाल किया गया था। अख्तर को 2014 में गिरफ्तार किया गया था, जब वह आतंकी समूह इंडियन मुजाहिदीन का सरगना था।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक विशेष इकाई की टीम ने बृहस्पतिवार रात जेल प्रशासन द्वारा ली गई तलाशी के दौरान बैरक से फोन बरामदगी मामले में अख्तर से पूछताछ करने के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी। सूत्रों ने कहा, ”टीम को तिहाड़ में केंद्रीय जेल नंबर 8 में एक अलग कमरा दिया गया था, जहां अख्तर से पूछताछ की गई। टीम द्वारा उससे लगभग चार घंटे तक पूछताछ की गई और उसके बैरक से जब्त किए गए फोन के बारे में पूछा गया।”

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इससे पहले दिन में बताया था कि विशेष प्रकोष्ठ की एक टीम तिहाड़ जेल में अख्तर के बैरक संख्या आठ से मोबाइल फोन मिलने के संबंध में उससे पूछताछ के लिये जेल में है।

उन्होंने कहा, ”हमने उससे पूछताछ के लिये अदालत से अनुमति ली है। आवश्यकता हुई तो उसके आधार पर हम अन्य कैदियों से भी पूछताछ कर सकते हैं।” अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से लदी स्कॉपियो (एसयूवी) मिलने के मामले में नया मोड़ आने के बाद विशेष प्रकोष्ठ ने इस मामले के संबंध में बृहस्पतिवार को तिहाड़ जेल प्रशासन से संपर्क किया था। बृहस्पतिवार को मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि था कि जैश-उल-हिंद ने जिस टेलीग्राम चैनल के जरिये इस मामले की जिम्मेदारी ली थी, उस चैनल को दिल्ली के तिहाड़ इलाके में बनाया गया था।

मुंबई पुलिस ने उस फोन की लोकेशन पता लगाने के लिये एक निजी साइबर एजेंसी की मदद ली थी, जिसके जरिये चैनल बनाया गया था। जांच के दौरान फोन की लोकेशन दिल्ली के तिहाड़ जेल के निकट मिली थी। तिहाड़ जेल से मोबाइल फोन मिलने के संबंध में दिल्ली सरकार ने जेल महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी है।

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