India vs South Africa Women: चौथे वनडे में हार के साथ भारतीय महिला टीम ने गंवाई सीरीज
लखनऊ। कमजोर गेंदबाजी आक्रमण और सुस्त क्षेत्ररक्षण का खामियाजा भारतीय महिला टीम को रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यहां चौथा एकदिवसीय मुकाबला सात विकेट से हार के रूप में उठाना पड़ा। अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुये निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट पर 266 रन बनाये। …
लखनऊ। कमजोर गेंदबाजी आक्रमण और सुस्त क्षेत्ररक्षण का खामियाजा भारतीय महिला टीम को रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यहां चौथा एकदिवसीय मुकाबला सात विकेट से हार के रूप में उठाना पड़ा। अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुये निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट पर 266 रन बनाये।
Victory for South Africa ?
They pull off their highest successful run chase in women’s ODIs by defeating India by seven wickets.
They have also taken the series!#INDvSA ➡️ https://t.co/0gv3cNZlHj pic.twitter.com/MALQ72CjNU
— ICC (@ICC) March 14, 2021
जवाब मे दक्षिण अफ्रीका ने 48.4 ओवरों में 269 रन बनाकर पांच मैचों की एक दिवसीय श्रृखंला 3-1 से अपराजेय बढ़त बनाकर सीरीज अपने नाम कर ली। दक्षिण अफ्रीका का लक्ष्य का पीछा करते हुये बनाया गया यह सर्वाधिक स्कोर है। इससे पहले टीम ने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ 263 रनो के लक्ष्य काे बौना साबित करते हुये जीत हासिल की थी।
दिलचस्प है कि मौजूदा सीरीज में अब हुये चार मैचो में टॉस जीतकर पहला क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम को जीत हासिल हुयी है। यह सौभाग्य मेहमान टीम को तीन बार मिला जबकि मेजबान टीम के हिस्से में यह मौका एक बार आया। दोनो टीमो के बीच यह पांचवी द्विपक्षीय श्रृखंला है। इससे पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका ने दो दो बार सीरीज जीती है।
अनुभवी गेंदबाज झूलन गोस्वामी के बगैर मैदान पर उतरी भारतीय टीम में शुरू से ही गेंदबाजी में धार देखने को नहीं मिली जिसके चलते पहले लिजेली ली (69) ने शानदार पारी खेली जबकि बाद में लौरा वुलवर्ड (53),मिगनन डू प्रीज (61) और लारा गुडवाल (55 नाबाद) ने आसानी से खेलते हुये अपनी टीम को विजय द्वार तक पहुंचा दिया। इसके अलावा मारीजान्ने काप (22) ने रही सही कसर पूरी कर दी।
भारतीय टीम को मेहमान टीम का पहला विकेट हासिल करने के लिये 23वें ओवर तक इंतजार करना पड़ा जब खतरनाक लिजेली को हरमनप्रीत ने पगबाधा आउट कर दिया। उस समय दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 116 रन था। लिजेली ने अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान 75 गेंद खेलकर दस बार गेंद को सीमा रेखा का पार पहुंचाया। झूलन की जगह पर खेलने आयी राधा यादव बेहद खर्चीली रही जिन्होने 9.4 ओवर में सर्वाधिक 68 रन लुटाये। हालांकि मानसी जोशी (43 पर एक), राजेश्वरी गायकवाड (39 पर एक) और हरमनप्रीत (38 पर एक) सफल रहीं।
इससे पहले पूनम राउत (104 नाबाद) के शतकीय प्रहार और हरमनप्रीत कौर (54) के अर्धशतक की मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम के खिलाफ चार विकेट पर 266 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टास हार कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय महिला टीम ने स्मृति मंधाना (10) का पहला विकेट पांचवे ओवर में खोने के बाद संभल कर खेलना शुरू किया।
नयी बल्लेबाज पूनम ने प्रिया पुनिया (32) के साथ खेलते हुये टीम के स्कोर को 61 रन तक पहुंचाया जबकि बाद में उन्होने कप्तान मिताली राज (45) के साथ 97 रन की उपयोगी साझीदारी निभायी। मिताली के आउट होने के बाद क्रीज पर आयी हरमनप्रीत के साथ पूनम ने 88 रन टीम के स्कोर में जोड़े।
पूनम ने अपना करियर का तीसरा शतक 123 गेंद खेलकर 10 चौकों की सहायता से पूरा किया जबकि दूसरे छोर पर बैटिंग कर रही भारतीय टी-20 टीम की कप्तान हरमनप्रीत ने बेबाक अंदाज में मेहमान गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुये अपनी अर्धशतकीय पारी में एक जोरदार छक्के के अलावा सात बार गेंद को सीमारेखा के पार पहुंचाया। यह हरमनप्रीत का करियर का 12वां अर्धशतक था।
अनुभवी बल्लेबाज मिताली राज ने हालांकि महिला वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 7000 रन पूरे किये। वह यह कारनामा करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी। मिताली ने ये रिकॉर्ड अपने 213वें इंटरनेशनल मैच में बनाया।
पिछले तीन मुकाबलों में भारतीय टीम के लिये खतरनाक साबित होने वाली शबनिम इस्माइल आज भारतीय लड़कियों के निशाने पर रही जिनकी गेंदो की जमकर धुनाई की गयी। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज ने दस ओवरों में 50 रन देकर एक विकेट हासिल किया जबकि टूमी शेखूखूना ने 63 रन देकर दो भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।
