मुरादाबाद: गुरुजी अब बच्चों को फीस जमा करने दे रहे धमकियां
मुरादाबाद, अमृत विचार। निजी स्कूल प्रबंधन की तानशाही लगातार बढ़ती जा रही है। कक्षा अध्यापक फीस जमा न करने को लेकर बच्चों को फोन कर प्रमोट न करने की धमकियां दे रहे हैं। इसके कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में लटता हुआ दिखाई दे रहा है। अभिभावकों का कहना है कि पहले फीस जमा न …
मुरादाबाद, अमृत विचार। निजी स्कूल प्रबंधन की तानशाही लगातार बढ़ती जा रही है। कक्षा अध्यापक फीस जमा न करने को लेकर बच्चों को फोन कर प्रमोट न करने की धमकियां दे रहे हैं। इसके कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में लटता हुआ दिखाई दे रहा है। अभिभावकों का कहना है कि पहले फीस जमा न होने पर व्हाट्सएप ग्रुप के पाठ्यक्रम से बच्चों को वंचित किया जा रहा था।
अब बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट नहीं करने और रिजल्ट न देने की धमकियां दी जा रही हैं। इसके कारण अभिभावकों में बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है। हालात ऐसे होते जा रहे हैं कि जिन बच्चों की 3 से 6 महीने तक की फीस जमा है, उन्हें भी परीक्षा में न बैठने की धमकियां दी जा रही हैं। बावजूद इसके स्कूल प्रबंधन और आलाधिकारी हाथ पर हाथ धरकर तमाशा देख रहे हैं।
इस संबंध में स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जिन बच्चों की पिछले साल और इस बार की फीस जमा नहीं है, उन्हें फोन किया जा रहा है। लेकिन कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है। साथ ही बच्चों को परीक्षा देने से रोकने की स्कूल प्रबंधन की कोई मंशा नहीं है। अगर किसी अभिभावक को शिकायत है तो स्कूल आकर संपर्क कर सकता है।
केसीएम स्कूल में रिजल्ट रोकने का आरोप
ऐसा ही एक मामला बुधवार को शहर के केसीएम स्कूल का सामने आया। यहां के कक्षा अध्यापकों ने बच्चों की फीस जमा न होने पर परीक्षा से रोके जाने के साथ ही रिजल्ट न देनी की बात कही। इससे अभिभावकों में बच्चों के भविष्यों को लेकर डर बना हुआ है। यहां स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी पर उतारू है।
स्कूल के डर से अभिभावक नहीं आ रहे सामने
स्कूल संचालकों का डर बच्चों और अभिभावकों में इस कदर बढ़ता जा रहा है कि वे सामने आने से भी डरने लगे हैं। अगर कोई अभिभावक सामने आता है तो उसे स्कूल द्वारा धमकियां दी जाती है। ऐसे में अभिभावक अपनी समस्याओं को बताते तो हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए पीछे हट जाते हैं।
केसीएम स्कूल प्रधानाचार्य सुरिंदर सिंह ने कहा कि स्कूल से उन बच्चों को फोन किया जा रहा है, उनकी एक महीने की भी फीस जमा नहीं है। लेकिन किसी भी बच्चे को परीक्षा से नहीं रोका जा रहा है। बल्कि सरकार के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। अगर किसी अभिभावक को शिकायत है तो स्कूल आकर संपर्क कर सकते हैं।
