बरेली: कोरोना की छाया के बीच मनेगी होली, बाजार रहे गुलजार
फोटो- मोहित या उमेश जी से संपर्क करें। अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल में कारोबार भले ही प्रभावित होने की बात कही जा रही हो, लेकिन होली के एक दिन पूर्व तक बाजार ग्राहकों की भीड़ से गुलजार रहा। रंग-अबीर, पिचकारी, टोपी और मिठाई सहित पर्व से संबंधित अन्य सामानों की दुकानों पर ग्राहकों की …
फोटो- मोहित या उमेश जी से संपर्क करें।
अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल में कारोबार भले ही प्रभावित होने की बात कही जा रही हो, लेकिन होली के एक दिन पूर्व तक बाजार ग्राहकों की भीड़ से गुलजार रहा। रंग-अबीर, पिचकारी, टोपी और मिठाई सहित पर्व से संबंधित अन्य सामानों की दुकानों पर ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ रही। लोगों ने कोरोना काल में महंगाई की परवाह किए बगैर जमकर खरीदारी की।
शहर के प्रमुख बाजार कुतबखाना, श्यामगंज, बड़ा बाजार, सिविल लाइंस आदि में देर रात तक ग्राहकों की भीड़ रही। कारोबारियों का अनुमान है कि इन दो-तीन दिनों में जिले में कारोबार 15 करोड़ से ऊपर का हुआ है। इसमें रंग, गुलाल, पिचकारी के अलावा कपड़ा, किराना, गारमेंट, मिठाई, कास्मेटिक आदि सभी शामिल हैं।
पिछले दो दिनों से होली पर्व की तैयारियों को लेकर बाजार में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। शहर के श्यामगंज, सिविल लाइंस, पुराना शहर, कुतबखाना, किला आदि इलाकों में होली से संबंधित सामानों की स्थायी तथा अस्थायी दुकानें कई दिन पहले ही लगा दी गई थीं लेकिन पर्व से एक दिन पूर्व यानी रविवार को खरीदारी के लिए बाजारों में ग्राहकों का सैलाब उमड़ा।
भीड़ में महिला, युवतियां, पुरुषों के साथ ही छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल रहे। एक तरफ जहां बड़ों ने अबीर-गुलाल सहित पर्व से संबंधित अन्य सामानों की खरीद की, वहीं पिचकारी और रंग की दुकानों पर बच्चों की भीड़ लगी रही। बच्चों ने स्पाइडर मैन, बंदूकों की शक्ल, पाइप के साथ ही अन्य पिचकारियां की खरीद की। टोपी, मुखौटा की दुकान भी ग्राहकों से गुलजार रहे। लोगों ने बाल वाली टोपी, कपड़ा, चमकीले कागज, प्लास्टिक आदि की टोपियों के साथ मुखौटा, विभिन्न आकार का चश्मा आदि की खरीद की। वहीं, मिठाई की दुकानों पर भी भारी भीड़ रही। लोगों ने गुझिया और मिठाइयों की खरीदारी की।
ग्राहकों से गुलराज रही मिठाई की दुकानें
मिठाई की दुकान भी ग्राहकों से गुलजार रहे। गुजिया, माठ, नमकीन आदि के अलावा खोवा, छेना, बेसन के लड्डू आदि से निर्मित मिठाइयों के साथ ही होली खास के रूप में मेवा, फल तथा सब्जियों की मिठाइयों की बिक्री होती रही। इसी प्रकार काजू की बरफी तथा मेवा से बने महाराजा लड्डू आदि की मांग बनी रही। गुझिया जहां 400 रुपये किलो तक बिकी, वहीं छेना 250 से लेकर 300 रुपये प्रतिकिलो और काजू-मेवा की मिठाइयां 700 से लेकर 800 रुपये प्रतिकिलो तक बिकीं।
घुल रही गुझिया की भीनी सुगंध
मिठाई की दुकानों पर गुलाब जामुन, रस मलाई की अपेक्षा गुझिया की अधिक मांग है। सूजी व खोवा की गुझिया की मांग बढ़ी है। गुझिया बाजार में 200 से लेकर 300 रुपये प्रति किग्रा है, जबकि शुगर फ्री गुझिया 350 रुपये प्रति किग्रा के भाव पर बिक रही है।
ग्राहकों की भीड़ से दुकानदार भी रहे व्यस्त
होली पर्व मनाने को लोगों ने बाजार से जमकर खरीदारी की। घरों पर तरह तरह के पकवान बनाने के लिए सामान खरीदा गया। रेडीमेड सामान के अलावा बूरा, मेवा, घी, बेसन, मैदा आदि सामान की खरीदारी की गई, जिससे इन विक्रेताओं की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ रही। रंग कारोबारी अशोक ने बताया कि बाजार में अच्छी भीड़ निकली, जिससे कारोबार इस बार ठीक रहा।
