बरेली: लोको पायलट की मौत पर मंडल अस्पताल में हंगामा
बरेली, अमृत विचार। लोको पायलट की मौत पर मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों और यूनियन वालों का आरोप था कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से लोको पायलट की मौत हुई है। कई बार कहने के बाद भी अस्पताल ने उन्हें अन्यत्र रेफर नहीं किया। इज्जतनगर …
बरेली, अमृत विचार। लोको पायलट की मौत पर मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों और यूनियन वालों का आरोप था कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से लोको पायलट की मौत हुई है। कई बार कहने के बाद भी अस्पताल ने उन्हें अन्यत्र रेफर नहीं किया।
इज्जतनगर मंडल में तैनात लोको पायलट राम सुरेश बरेली सिटी की रेलवे कॉलोनी में रहते थे। उनकी तैनाती भी इज्जतनगर मंडल में थी। वह मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले थे। परिजनों ने बताया कि सोमवार शाम को राम सुरेश की अचानक से तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने तत्काल उन्हें रेलवे मंडल अस्पताल में भर्ती कराया। राम सुरेश को पहले से ही सांस की बीमारी थी जिसका इलाज चल रहा था।
आरोप है कि रात को जब राम उसकी हालत बिगड़ी तो परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में रेफर करने के लिए कहा लेकिन मंडल अस्पताल से उसे रेफर नहीं किया गया। वहीं उसे दवाइयां देते रहे। हालात पल-पल बिगड़ रहे थे। इसके बाद भी डॉक्टर ध्यान नहीं दे रहे थे। जब हालात नहीं सुधरे तो राम सुरेश को भोजीपुरा स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही रेलवे के तमाम यूनियन सदस्य और परिजन मंडल अस्पताल में एकत्र हो गए।
आरोप था कि लोको पायलट की मृत्यु डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से पहले ही अस्पताल में हो गई थी मगर उन्होंने कुछ नहीं बताया। काफी देर हंगामा होने के बाद मामले को शांत किया गया और एंबुलेंस की मदद से उसका शव गोरखपुर के लिए रवाना कर दिया गया।
लोको पायलट पहले से सांस की बीमारी से ग्रसित था। उसका इलाज किया जा रहा था। परिजनों के कहने पर उसे रेफर भी कर दिया गया था। मृत्यु के बाद परिजनों और यूनियन के लोगों ने कुछ हंगामा किया। हालांकि, मामला शांत हो गया था। -डॉ. अरुण खून्नू, सीएमएस रेलवे मंडल अस्पताल
