बरेली: 9 बजे रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू, 10 बजे तक बंद हुईं दुकानें
बरेली, अमृत विचार। बरेली शहर में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण ने लोगों के मन में फिर दहशत फैलानी शुरू कर दी है। प्रतिदिन जिस रफ्तार से संक्रमित निकल रहे हैं, उस रफ्तार को काबू में करने के लिए शुक्रवार की रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक बरेली शहर में रात्रिकालीन कर्फ्यू …
बरेली, अमृत विचार। बरेली शहर में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण ने लोगों के मन में फिर दहशत फैलानी शुरू कर दी है। प्रतिदिन जिस रफ्तार से संक्रमित निकल रहे हैं, उस रफ्तार को काबू में करने के लिए शुक्रवार की रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक बरेली शहर में रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया। कर्फ्यू के चलते नगर निगम की सीमा क्षेत्र में पूर्णता: आवाजाही पर प्रतिबंद लगाया गया है। देर रात 10 बजे तक शहर की सभी सड़कों की दुकानें, शोरूम बंद हो गए।
हालांकि, सड़कों पर वाहनों की आवाजाही देर रात तक चलती रही। पुलिस ने कई क्षेत्रों में सख्ती करते हुए रात्रि कर्फ्यू में घूमने के दौरान लोगों के चालान भी काटे। जिला मजिस्ट्रेट नितीश कुमार ने बरेली शहर में रात्रि कर्फ्यू लगाने के आदेश गुरुवार को ही कर दिए थे। आदेश वायरल होने के बाद से शहर के व्यापारियों ने कर्फ्यू की सीमा शुरू होने से पहले दुकानों को समय पर बंद करना शुरू कर दिया। व्यापारी पिछले साल लाकडाउन में हुई सख्ती की मार अभी तक नहीं भूले हैं। कहीं दुकान बंद करने में 9 बजे की सीमा क्रास न हो जाए, इसलिए कुतुबखाना, शहदाना, सिविल लाइंस के अलावा अन्य क्षेत्रों के व्यापारियों ने 8:30 बजते ही दुकानें बंद करना शुरू कर दिया।
देर रात तक खुलने वाला श्यामगंज का पूरा बाजार करीब 9 बजे तक पैक हो गया। बाजार में एकदम सन्नाछा गया। सिर्फ चौराहों पर पान के खोखे, टेंपो और ई-रिक्शा वाले नजर आए। कर्फ्यू की सीमा शुरू होते हुई कोतवाली, कैंट, इज्जतनगर, प्रेमनगर और किला थानों की पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में दुकानें, खोखे बंद कराना शुरू कर दिया। बारादरी इंस्पेक्टर ने पीलीभीत रोड, सतीपुर चौराहा पर 9 बजे, मीरा की पैठ का बाजार 9 बजे के बाद और सेटेलाइट की दुकानें व खोखे 9.45 बजे बंद कर दिए। किला क्षेत्र में 9.30 बजे, प्रेमनगर क्षेत्र में करीब 10 बजे तक दुकानें, शोरूम बंद हो गए। इज्जतनगर में 9.45 बजे तक दुकानें बंद हो गईं।
मिठाई व रेस्टोरेंट कारोबारियों को नुकसान
रात्रिकालीन कर्फ्यू से सबसे ज्यादा नुकसान मिठाई और रेस्टोरेंट कारोबारियों का हो रहा है। वैसे शहर के प्रमुख मिठाई की दुकानें देर रात करीब 10:30 बजे तक खुली रहती हैं। यही स्थिति रेस्टोरेंट वालों की है। हालांकि, रात्रिकालीन कर्फ्यू का आदेश पहले से हो गया, इसलिए कारोबारियों ने उसी के अनुसार दुकानों में मिठाई बनवानी शुरू कर दी है। हालांकि रात में आइसक्रीम, जूस समेत अन्य खान-पान की चीजें बेचने वालों को भी झटका लगा है।
डेलापीर चौकी के पास देर रात तक खुली पान की दुकान
डेलापीर पुलिस चौकी की शह पर देर रात तक पान की दुकान खुली रही। जबकि शहर के सभी चौराहों पर सन्नाटा पसर गया। पुलिस कर्मियों ने दुकान को बंद नहीं कराया।
रात्रिकालीन कर्फ्यू के बाद सताने लगा लाकडाउन का डर
कोरोना के चलते 22 मार्च, 2020 को जनता कर्फ्यू लगाया गया। इसके बाद 23 मार्च से एकाएक यूपी समेत देश के सभी राज्यों में लाकडाउन लगा दिया गया था। उस तकलीफ को हर किसी ने महीनों तक झेला है। लाखों प्रवासी मजदूरों को घरों को लौटने के लिए कई दिनों तक पैदल और भूखे-प्यासे रहकर सफर करना पड़ा था।
कोरोना की दूसरी लहर भी यूपी के साथ कई राज्यों में लाकडाउन लगवाने की तरफ बढ़ रह रही है। जिन राज्यों के जनपदों में कोरोना के ज्यादा मरीज निकल रहे हैं, वहां रात्रि कालीन कर्फ्यू लगाया गया है लेकिन कोरोना संक्रमण ऐसे ही फैलता रहा तो लाकडाउन लगाने की नौबत आ ही जाएगी। यही सोचते हुए प्रवासी मजदूरों ने घरों को लौटना शुरू कर दिया है।
डेलापीर मंडी में सुबह उमड़ी भीड़, कुतुबखाना में सन्नाटा मिला
डेलापीर नवीन मंडी में शुक्रवार सुबह सब्जी खरीदने वालों की खूब भीड़ उमड़ी। शहर के लोगों को यह डर सताने लगा कि कहीं रात्रि कर्फ्यू के असर से सब्जी मिलना न मुश्किल हो जाए। यही सोचते हुए सुबह बड़ी संख्या में आलू, प्याज, लहसुन समेत अन्य छह से सात दिनों तक चलाने वाली सब्जियां खरीदने पहुंचे। हालांकि, शहर की कुतुबखाना मंडी में सुबह के समय सन्नाटा छाया गया। चंद लोग ही सब्जी खरीदने पहुंचे। जबकि एलन क्लब मंडी में सुबह 10 बजे भी भीड़ दिखी।
बंद रही अदालतें, सैनेटाइजेशन हुआ
जनपद न्यायालय में कार्यरत न्यायिक अधिकारी और उनके परिजनों के अलावा दो अभियोजन अधिकारी संक्रमित निकले हैं। ऐसी सीएमओ की रिपोर्ट पर जिला जज रेणु अग्रवाल ने शुक्रवार को जनपद न्यायालय मे अवकाश की घोषणा कर दी। इस दौरान अदालतों में सैनेटाइजेशन का कार्य कराया गया। शुक्रवार को लंबित मामलों की सुनवाई को सामान्य तिथि 12 अप्रैल निश्चित की गयी है।
