मुरादाबाद : अपराधियों को संरक्षण देना पड़ा महंगा, चौकी इंचार्ज समेत तीन निलंबित
मुरादाबाद, अमृत विचार। नशा व गोकशी के अपराधियों को संरक्षण देना मझोला थाना क्षेत्र के जयंतीपुर चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। शिकायत पर कराई गई गोपनीय जांच में उन पर लगे आरोप सही पाए गए। खुलासा होने के बाद एसएसपी ने जयंतीपुर चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया …
मुरादाबाद, अमृत विचार। नशा व गोकशी के अपराधियों को संरक्षण देना मझोला थाना क्षेत्र के जयंतीपुर चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। शिकायत पर कराई गई गोपनीय जांच में उन पर लगे आरोप सही पाए गए। खुलासा होने के बाद एसएसपी ने जयंतीपुर चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही तीनों की विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
हाल ही में एसएसपी से शिकायत की गई थी कि मझोला थाना क्षेत्र के तहत आने वाली जयंतीपुर चौकी में तैनात प्रभारी मनोज कुमार व दो सिपाही अर्जुन कुमार व टीनू पाल के गोकशी व नशे का कारोबार करने वालों से संबंध हैं। गोकशी का एक शातिर अपराधी तो हर वक्त चौकी पर बैठा रहता है। आरोप था कि इस संरक्षण के एवज में कारोबारी पुलिस को हर माह मोटी रकम देते हैं। शिकायत पर एसएसपी ने सीओ सिविल लाइंस अनिल कुमार यादव को जांच दी। जांच में पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने प्रभारी मनोज कुमार, सिपाही टीनू पाल व अर्जुन कुमार को निलंबित कर दिया है। अब तीनों की विभागीय जांच सीओ सिविल लाइंस को सौंप दी गई है।
अपराधियों से दोस्ती में जान भी गंवा चुके हैं कई पुलिसकर्मी
शासन-प्रशासन के तमाम आदेशों के बाद भी जिले में प्रतिबंधित पशुओं का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों का यहां तक कहना है कि पुलिस की मिलीभगत के कारण ही यह धंधा फल-फूल रहा है। कारोबारी इतने बेखौफ हो चुके हैं कि पुलिस पर भी हमला करने से नहीं चूकते। इन हमलों में कई दफा पुलिसकर्मियों की जान भी जा चुकी है। इसके बाद भी उनकी कारोबारियों से ‘दोस्ती’ कम नहीं हो रही है। यही वजह है कि हर माह करोड़ों रुपये का कारोबार केवल मुरादाबाद जिले में होता है।
चेकिंग प्वाइंट से आसानी से निकल जाते हैं गो तस्कर
पुलिस वालों के संरक्षण के चलते ही गो तस्कर आसानी से हर चेकिंग प्वाइंट से निकल जाते हैं। ऐसा नहीं है कि अधिकारी अपराधियों व पुलिस के इस याराने से वाकिफ नहीं हैं। आठ माह पहले कुंदरकी एसओ समेत पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी। इसके अलावा भी तमाम पुलिसकर्मियों पर निलंबन व लाइन हाजिर की कार्रवाई की जा चुकी है।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि गोकशी के अपराधियों को संरक्षण देने की शिकायत मिली थी। जिस पर गोपनीय तरीके से जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर चौकी प्रभारी समेत दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
