मुरादाबाद: कोरोना महामारी के बीच बढ़े वायरल बुखार के मामले, ऐसे करें बचाव

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मुरादाबाद, अमृत विचार। एकतरफ लोगों को कोरोना का डर सता रहा है तो दूसरी तरफ बढ़ती गर्मी और उमस के कारण वायरल फीवर का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में जो मरीज आ रहे हैं, उनमें 20 फीसदी वायरल बुखार के शिकार पाए जा रहे हैं। ऐसी …

मुरादाबाद, अमृत विचार। एकतरफ लोगों को कोरोना का डर सता रहा है तो दूसरी तरफ बढ़ती गर्मी और उमस के कारण वायरल फीवर का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में जो मरीज आ रहे हैं, उनमें 20 फीसदी वायरल बुखार के शिकार पाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए चिकित्सक लोगों को धूप में न निकलने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही खानपान में सावधानी बरतने व बाहर की चीजों का सेवन न करने की सलाह भी दी जा रही है।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1400 मरीज आ रहे हैं। सोमवार को भी काफी संख्या में रोगी पहुंचे थे। इनमें सबसे अधिक भीड़ फिजीशियन और बाल रोग चिकित्सक की ओपीडी के बाहर देखी गई। डाक्टरों के अनुसार करीब 250 मरीज ऐसे मिले हैं, जिन्हें बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या थी।

वरिष्ठ फिजीशियन डा. एनके मिश्रा व बाल रोग चिकित्सक डा. वीर सिंह के अनुसार लोगों को कोविड को लेकर भी डर सताने लगा है। जरा सा बुखार और सर्दी जुकाम होने पर लोग उसे कोरोना समझकर जांच कराने के लिए अस्पताल पहुंच जा रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के कारण वायरल बुखार की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करने के साथ ही वायरल बुखार और संक्रमण से बचाव के प्रति भी सजग रहा जाए।

फ्लू क्लीनिक में बढ़ाया स्टाफ
बुखार के मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल की ओपीडी में कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई है। चिकित्साधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार का कहना है कि गर्मी के दौरान अगर खानपान और सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया तो वायरल इंफेक्शन के शिकार हो सकते हैं।

वायरल फीवर के लक्षण
वायरल फीवर की शुरुआत बुखार से ही होती है। इस दौरान थकान महसूस होना, मांसपेशियों या बदन में दर्द, तेज बुखार, खांसी, जोड़ो में दर्द, दस्त, त्वचा के ऊपर चकत्ते, सर्दी, गले में दर्द, सिरदर्द, आंखों में लाली और जलन का अनुभव, ग्रसिका नली में सूजन आना इसके खास लक्षण हैं।

ऐसे करें बचाव
खांसते या छींकते वक्त रूमाल से मुंह और नाक को ढंक लें
सफाई और हाथ धोने का खास ख्याल रखें
खाने से पहले और वाशरूम यूज करने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
बारिश में भीगने से बचें।
यदि बारिश में भीग जाएं तो उसके बाद घर में जरूर नहाएं।
रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करें।
गरम पानी से गरारा करें ताकि आराम मिले।
बाहर का खाना खाने में परहेज करें।
सब्जियों को पकाने से पहले नमक के गर्म पानी से धोएं।
गीले कपड़ों और गीले बालों के साथ एसी रूम में घुसने से बचें।
साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
जहां तक हो सके छिलके वाला फल न खाएं।

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