कोरोना को हराने की तैयारी, यूपी और उत्तराखंड में नए ऑक्सीजन प्लांट मंजूरी की लिस्ट जारी
लखनऊ। यूपी के आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बदायूं, बुलंदशहर, देवरिया, इटावा फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, जालौन, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर, खीरी, ललितपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, शाहजहांपुर, सहारनपुर, सीतापुर, सुलतानपुर, उन्नाव, वाराणसी में नए प्लांट लगेंगे। वहीं …
लखनऊ। यूपी के आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बदायूं, बुलंदशहर, देवरिया, इटावा फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, जालौन, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर, खीरी, ललितपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, शाहजहांपुर, सहारनपुर, सीतापुर, सुलतानपुर, उन्नाव, वाराणसी में नए प्लांट लगेंगे। वहीं उत्तराखंड के अल्मोड़ा, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, उधमसिंहनगर, उत्तरकाशी में नए ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे।
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बीच आक्सीजन की कमी से निपटने के लिये युद्ध स्तर पर 39 से अधिक जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि यह सभी प्लांट नई तकनीक से हवा से ऑक्सीजन बनाएंगे। सरकार उन निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना करा रही हैं, जिन्हें उसने कोरोना के इलाज के लिए टेकओवर किया है। इसके लिए उन्होंने निर्देश दिए हैं कि ऐसे निजी संस्थानों में सरकार की ओर से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर उसका खर्च निजी संस्थान के बिल में एडजस्ट किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रदेश में जितने भी अस्पताल 100 बेड से ऊपर के हैं, उन सभी में ऑक्सीजन प्लांट जरूरी किया जाए। इस बाबत उन्होंने निर्देश दिया है कि प्रदेश के 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जाए। यह शासन की शीर्ष प्राथमिकता का कार्य है।
योगी के निर्देश पर 21 नए स्थानों जिला चिकित्सालय फतेहपुर, जिला चिकित्सालय बलिया, जिला संयुक्त चिकित्सालय सिद्धार्थनगर, 200 बेडेड एमसीएच विंग कोंच, जिला संयुक्त चिकित्सालय बलरामपुर, यूएचएम जिला चिकित्सालय कानपुर नगर, डॉ. एसपीएम चिकित्सालय लखनऊ, जिला चिकित्सालय मिर्जापुर, संयुक्त चिकित्सालय चकिया चंदौली, जिला चिकित्सालय गाजीपुर, जिला चिकित्सालय जौनपुर, टीबी सप्रु चिकित्सालय प्रयागराज, 300 बेडेड कोविड चिकित्सालय बरेली, क्षयरोग सह सामान्य चिकित्सालय गोरखपुर, कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय कानपुर नगर, एलबीआरएन संयुक्त चिकित्सालय कानपुर रोड लखनऊ, कोविड चिकित्सालय गौतमबुद्धनगर, जिला संयुक्त चिकित्सालय सोनभद्र, पंडित दीन दयाल चिकित्सालय वाराणसी में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। प्लांट की स्थापना के लिए सरकार की ओर से धनराशि जारी की जा चुकी है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में कुल 52 मेडिकल कॉलेज हैं, जिसमें 22 में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हैं। इसके अलावा 18 स्थानों कानपुर, आगरा, झांसी, जालौन, बांदा, कन्नौज, आजमगढ़, शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ, सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान लखनऊ, स्वशासी मेडिकल कॉलेज बस्ती, अयोध्या, बहराईच, फिरोजाबाद, सहारनपुर और अंबेडकरनगर आदि में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ये सभी प्लांट नई तकनीकी पर आधारित हैं और हवा से ही ऑक्सीजन बनेगा। इसके लिए लिक्विड गैस की आवश्यकता नहीं होगी। उनकी कोशिश निजी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में भी जल्द से जल्द ऑक्सीजन प्लांट लगाने की है। योगी के निर्देश पर अब वर्तमान आपात परिस्थितियों को देखते हुए 855 सीएचसी पर 488 करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी है। इस धनराशि की प्रतिपूर्ति स्टेट डिजास्टर रीलिफ फंड से की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने 50 ऑक्सीजन टैंकर की मांग केंद्र सरकार से की है।
