बरेली: एंबुलेंस चालक देर रात श्मशान भूमि लाया शव, हंगामा
अमृत विचार, बरेली। कोरोना संकमण से ज्यादा लोग दहशत और अन्य बीमारियों से मर रहे हैं लेकिन बीमारियों को घातक संक्रमण ही बना रहा है। मरने वाले अधिकांश लोगों की कोरोना जांच नहीं हो पाती है। यही वजह है कि उन्हें संक्रमित नहीं माना जाता है। श्मशान स्थलों की तस्वीर रोज डरा रही है। दिन …
अमृत विचार, बरेली। कोरोना संकमण से ज्यादा लोग दहशत और अन्य बीमारियों से मर रहे हैं लेकिन बीमारियों को घातक संक्रमण ही बना रहा है। मरने वाले अधिकांश लोगों की कोरोना जांच नहीं हो पाती है। यही वजह है कि उन्हें संक्रमित नहीं माना जाता है। श्मशान स्थलों की तस्वीर रोज डरा रही है। दिन हो रात, जब देखो चिताएं जलती नजर आ रही हैं। कोरोना संक्रमण समेत अन्य बीमारियों से मरने वालों का आंकड़ा दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है।
मौतें ज्यादा होने से लोग शवों की नाकदरी भी कर रहे हैं। रात में श्मशान स्थलों के गेट पर शवों को छोड़कर चले जा रहे हैं। इससे श्मशान स्थलों के कर्मचारियों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि रात में वह कहां से अंतिम संस्कार कराएं। पूरी प्रक्रिया के तहत उनका नाम पता सब कुछ लिखना होता है।
शुक्रवार रात करीब 9 बजे इज्जतनगर की तरफ से एक एंबुलेंस शव को लेकर संजय नगर श्मशान घाट पहुंची। शव उतारने को लेकर एंबुलेंस चालक और श्मशान घाट के लोगों में गहमागहमी भी हो गई। श्मशान घाट ट्रस्ट के लोगों का कहना था कि क्या एंबुलेंस चालक शव को लाने के पैसे नहीं लेते। आखिर देर रात यह क्यों लेकर आते हैं। वह अब उनका अंतिम संस्कार कहां पर कराएं। उधर, एंबुलेस चालक ने भी अपनी मजबूरी बताई। काफी देर तक शव श्मशान भूमि के बाहर रखा रहा।
कोरोना से ज्यादा दहशत व अन्य बीमारियों से हो रही मौंतें
शुक्रवार को पूरे दिन में करीब बेहिसाब लोगों की मौतें हुई। इसमें 29 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से होना बताया जा रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इनकी कोरोना से मौत होने की पुष्टि नहीं की है। श्मशान घाट ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मानें तो संजय नगर श्मशान भूमि में शुक्रवार को 45 शव अंत्येष्टि के लिए पहुंचे थे। इसमें से करीब 15 शवों का कोरोना नियमों से अंतिम संस्कार किया गया। इसी तरह सिटी श्मशान भूमि में देर शाम तक 35 लोगों के शव पहुंचे। इसमें से करीब 10 शवों की कोरोना नियमों के तहत अंत्येष्टि की गई। इसी तरह से गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि में करीब 8 लोगों के शव पहुंचे थे। इसमें चार शवों की अंत्येष्टि कोरोना गाइडलाइन के अनुसार की गई।
