बरेली: प्रतिबंध के बाद भी जुलूस निकालने वालों को जाना होगा जेल, इस तरह की जा रही पहचान
बरेली, अमृत विचार। प्रतिबंध के बाद भी जीते कई प्रत्याशियों ने विजय जुलूस निकाले। ढोल बजाते हुए गांव में नारेबाजी की। वायरल वीडियो की जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है। कई जुलूस में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज भी कर लिए गए हैं। बाकी वीडियो से अन्य लोगों की पहचान की …
बरेली, अमृत विचार। प्रतिबंध के बाद भी जीते कई प्रत्याशियों ने विजय जुलूस निकाले। ढोल बजाते हुए गांव में नारेबाजी की। वायरल वीडियो की जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है। कई जुलूस में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज भी कर लिए गए हैं। बाकी वीडियो से अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
शाही के हल्दीकला से प्रधानी का चुनाव जीतने के बाद विजयपाल और उनके 30-35 समर्थक जुलूस निकालते हुए नारेबाजी कर गांव में घूमे। पुलिस ने सभी लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। कैंट के वारीनगला निवासी विजयी प्रत्याशी शिवकुमार पटेल और उनके 25 समर्थक, भमोरा के मजनूपुर निवासी शकील बाबू और उकने समर्थक और फतेहगंज पश्चिमी निवासी कफिल और उनके 35 समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने महामारी एक्ट और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। इसके साथ ही अन्य लोगों की वीडियो के माध्यम से पहचान की जा रही है। जल्द ही जुलूस निकालने के मामले में अन्य मुकदमे भी दर्ज किए जा सकते हैं।
शांति भंग के आरोप में सात लोगों पर ठोका जुर्माना
इज्जतनगर के चावड़ गांव में प्रधान पद के लिए डंपी और दूसरे पक्ष से गांव के वीरेंद्र प्रत्याशी थे। लोगों ने बताया कि सोमवार को मतगणना के दौरान डंपी 321 वोट से जीत गए। इसके बाद दोपहर में हारे हुए प्रत्याशी के समर्थकों ने जीते हुए प्रत्याशी के समर्थकों के घर के बाहर आकर गाली-गलौज शुरू कर दी। जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव शुरू हो गया। बवाल की सूचना पर इज्जतनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही भीड़ वहां से फरार हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के 7 लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले आई। इसके बाद पुलिस ने वीरेंद्र, भगवानदास, दीपक, राजकुमार, प्रेमपाल, सुरेंद्र और अंकित का शांति भंग के आरोप में चालान कर दिया।
