लखनऊ: मेयो अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज, कोरोना काल में तय रेट से ज्यादा पैसे लेने का आरोप

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। राजधानी में निजी अस्पतालों की मनमानी पर प्रदेश सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को मेयो अस्पताल पर अवैध वसूली के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही अस्पताल के खिलाफ जांच भी शुरू हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में मिली शिकायत के आधार पर …

लखनऊ। राजधानी में निजी अस्पतालों की मनमानी पर प्रदेश सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को मेयो अस्पताल पर अवैध वसूली के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही अस्पताल के खिलाफ जांच भी शुरू हो चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में मिली शिकायत के आधार पर जांच की जा रही थी। जांच में आरोप सही पाये गये हैं, जिसके बाद गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी है।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर यह रिपोर्ट हुई है। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी, महामारी अधिनियम और साजिश रचने और आपदा प्रबंधन की धाराओं में एफआईआर लिखी गई है।

अस्पताल के खिलाफ नेहा भट्ट ने शिकायत की थी, जिसके बाद एसडीएम सदर, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट के अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए गए थे।

गौरतलब है कि इससे पहले मैक्वेल, जेपी और देविना अस्पतालों पर मरीजों से वसूली के गंभीर आरोप लगे थे। इसके बाद तीनों अस्पतालों पर एफआइआर दर्ज की गई थी। प्रभारी अधिकारी रोशन जैकब ने 12 मई को अस्पताालों में जाकर जांच के बाद वसूली के आरोप को सही पाने पर तीनों अस्पतालों के खिलाफ सीएमओ को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था।

तीनों ही अस्पतालों पर मरीजों से वसूली के गंभीर आरोप हैं। आक्सीजन के नाम पर ही अस्पतालों ने लाखों रुपये वसूले। थे। यही नहीं, दवाइयों और दूसरे मदों में सरकार की ओर से जो धनराशि निर्धारित की गयी है उससे कई गुना पैसे लिए गए थे।

डीएम ने भी लिया था संज्ञान

मरीज से अत्यधिक वसूली के आरोप में मेयो अस्पताल के खिलाफ गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद जांच टीम गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन की ओर से वसूली के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद निदेशक, संचालक-प्रबंधक मेयो मेडिकल सेन्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।

रडार पर ये भी तीन अस्पताल

मेट्रो अस्पताल, गोमतीनगर के खिलाफ भी जांच चल रही हैं यहां पर शिकायतकर्ता को बिल नहीं दिया गया। शादी पर्चियों पर मरीजों से भुगतान कराया गया। वहीं राय बरेली रोड स्थित साई लाइफ अस्पताल में भी गड़बड़ियां पायी गयी हैं। यहां कागजों पर नौ नर्स हैं, लेकिन जांच टीम को एक ही मिली।

एक अप्रैल से 20 मई के बीच यहां 58 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 13 की मौत हो गई। यहां मरीजों से प्रतिदिन 50 हजार रुपये जमा कराए जाते थे। वहीं उतरेटिया स्थित आशी अस्पताल अस्पताल के खिलाफ भी जांच चल रही है।

यहां आरोप है कि बिना अनुमति नान कोविड अस्पताल द्वारा कोविड मरीज का इलाज किया गया, जिसकी मौत हो गई। तीमारदार से मोटी रकम वसूलने का आरोप है।

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