गांव में टीकाकरण की भ्रांतियों को दूर करेगी निगरानी समितियां
अमृत विचार, बरेली। कोरोना वायरस से लड़ने में कोरोना रोधी टीका कारगर है। वैक्सीन लोगों को वायरस से लड़ने की ताकत देती है जिससे संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है लेकिन गांव में टीकाकरण को लेकर कई भ्रांतियां हैं। जिसकी वजह से काफी संख्या में लोग टीकाकरण नहीं करवा रहे हैं। वहीं टीकाकरण …
अमृत विचार, बरेली। कोरोना वायरस से लड़ने में कोरोना रोधी टीका कारगर है। वैक्सीन लोगों को वायरस से लड़ने की ताकत देती है जिससे संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है लेकिन गांव में टीकाकरण को लेकर कई भ्रांतियां हैं। जिसकी वजह से काफी संख्या में लोग टीकाकरण नहीं करवा रहे हैं। वहीं टीकाकरण की पहली डोज लगवा चुके लोग दूसरी डोज लगवाने में भी कोताही बरत रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार टीकाकरण की दोनों डोज लगने के बाद ही टीकाकरण पूर्ण माना जाता है।
जनपद में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण चल रहा है। अब तक हजारों लोग वैक्सीन की दोनों डोज लगवाकर स्वयं को संक्रमण के प्रकोप से सुरक्षित कर चुके हैं। गांवों में फैलता संक्रमण खतरे को और बढ़ा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की दर काफी कम है। ऐसे में निगरानी समिति के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जाएंगे। सीएमओ डॉ. एसके गर्ग ने बताया कि गांवों में आधी-अधूरी जानकारी या सुनी-सुनाई बातों के आधार पर अफवाह फैली है। किसी के पास इन अफवाहों का कोई प्रमाण नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग निगरानी समितियों के सहयोग से इन भ्रांतियों को मिटाने का प्रयास करेगा।
“टीकाकरण बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर निगरानी समितियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जाएंगे। लोगों को समझदारी व जिम्मेदारी दिखाते हुए जल्द से जल्द टीकाकरण कराना चाहिए। जिससे कि हम जनपद को सुरक्षित रख सकें।”– डॉ. एसके गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
