लखीमपुर खीरी: चमोली त्रासदी में लापता 29 मजदूर मृत घोषित, परिजनों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। तीन महीने पहले उत्तराखंड के चमोली त्रासदी में लापता हुए तहसील निघासन क्षेत्र के लापता 29 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया है। डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह ने इसकी रिपोर्ट उत्तराखंड शासन को भेजी है। अब लापता मजदूरों के परिवार वालों को आर्थिक सहायता शीघ्र मिलने की उम्मीद बढ़ गयी …
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। तीन महीने पहले उत्तराखंड के चमोली त्रासदी में लापता हुए तहसील निघासन क्षेत्र के लापता 29 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया है। डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह ने इसकी रिपोर्ट उत्तराखंड शासन को भेजी है। अब लापता मजदूरों के परिवार वालों को आर्थिक सहायता शीघ्र मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है।
तहसील निघासन क्षेत्र के गांव, भूलनपुर, भेड़ोरी, भैरमपुर, इच्छानगर, डांगा, कड़िया सहित कई गावों के करि 70 से अधिक मजदूर मजदूरी करने उत्तराखंड गए थे। फरवरी 21 को उत्तराखंड त्रासदी में चमोली की एनटीपीसी के निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना में काम कर रहे 33 मजदूर लापता हो गए थे।
चार मजदूरों के शव बरामद हो गए थे, लेकिन 29 मजदूरों का आज तक कोई पता नहीं चला है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चमोली त्रासदी में लापता हुए 29 मजदूरों के शव बरामद नहीं हुए हैं। न ही इनके जीवित होने के प्रमाण हैं। अभी तक परिजनों को आर्थिक मदद भी नही मिल पाई है। परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लापता मजदूरों को मृत घोषित करने की प्रक्रिया चल रही थी।
त्रासदी में लापता गांव इच्छानगर निवासी राजू गुप्ता, इरफान, उमेश शाह, मुकेश कुमार, प्रमोद, जगदीश, श्रीकृष्ण, रामतीरथ, रामविलास, राशिद खां, इरसाद खां, शेरबहादुर, इस्लाम हुसैन, मिर्जागंज निवासी भलभल खां, भैरमपुर निवासी पैकरमा गिरी,संतोष, विनोद, अर्जुन, जितेंद्र यादव, सत्येंद्र कुमार, मनोज कुमार पाल, रंजीत गिरि, सुथना बरसोला तिकुनियां निवासी रामू, गौरीशंकर, बाबूपुरवा निवासी अर्जुन, हीरालाल, कड़िया निवासी अरुण कुमार, भूलनपुर निवासी धर्मेंद्र वर्मा, सिंगाही के वार्ड नंबर छह निवासी जावेद खां सहित 29 लापता मजदूरों को मृत घोषित करते हुए रिपोर्ट जोशीमठ के एसडीएम को भेज दी गई है।
