बरेली: 10 के दम से घटी कोरोना संक्रमण की रफ्तार

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शिवांग पांडेय, बरेली। जनपद में कोरोना संक्रमण मामले तेजी से कम हुए हैं। अप्रैल में जहां एक ओर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने तबाही मचा रखी थी। वहीं, मई में इसकी रफ्तार कमजोर पड़ती जा रही है। एक माह पहले जहां प्रतिदिन एक हजार के आसपास संक्रमितों की संख्या मिल रही थी। वहीं, अब …

शिवांग पांडेय, बरेली। जनपद में कोरोना संक्रमण मामले तेजी से कम हुए हैं। अप्रैल में जहां एक ओर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने तबाही मचा रखी थी। वहीं, मई में इसकी रफ्तार कमजोर पड़ती जा रही है। एक माह पहले जहां प्रतिदिन एक हजार के आसपास संक्रमितों की संख्या मिल रही थी। वहीं, अब ये संख्या औसतन सौ के आसपास आ गई। यह केवल एक तरफा प्रयास नहीं है। बल्कि कई मोर्चों पर प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व आमजन के सहयोग से ही संभव हो पाया है।

जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सही दिशा में की गई कार्ययोजना और सक्रियता का भी असर देखने को मिला। आपदा के समय जिले के लोग एक दूसरे का हाथ थामे नजर आए। इसने भी बहुत हद तक संक्रमणसे उपजी निराशा को कम किया। लेकिन कोरोना को हराने के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की कार्ययोजना का अहम योगदान रहा। इसी परिणाम यह रहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी बरेली के कोविड संक्रमण की रोकथाम कार्ययोजना की प्रशंसा की।

1- कोविड अस्पतालों का इंतजाम
कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत में ही जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को मजबूत कार्ययोजना के तहत कार्ययोजना पर अमल किया गया। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन मेडिकल कालेजों समेत दस से अधिक अस्पतालों में कोविड के उपचार के लिए अनुमति प्रदान की। 300बेड अस्पताल, निजी मेडिकल कालेजों के साथ ही निजी कोविड अस्पतालों ने भी बढ़चढ़ कर योगदान दिया। हालांकि इसमें भी कुछ निजी अस्पतालों से इलाज में लापरवाही की शिकायत की गई। वहीं, अस्पतालों में मरीजों को तुरंत इलाज मिलने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए।

2- टीके से तैयार की सुरक्षा की दीवार
कोरोना की दूसरी लहर के आने से पहले ही जिले में स्वास्थ्यकर्मियों का वैक्सीनेशन कराना शुरु कर दिया गया था। वहीं, एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक के लोगों का वैक्सीनेशन कर संक्रमण से सुरक्षा प्रदान की गई। इसी का परिणाम है कि जिले मे 16 जनवरी से अब तक 4,19,816 लोगों ने टीका लगवाकर स्वयं को सुरक्षित कर लिया। वहीं, 45-59 तक के 2,19,901 को पहली डोज व 67,775 को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है।

3- ऑक्सीजन मैनजमेंट
अप्रैल में ऑक्सीजन की कमी होने से बेहद गंभीर स्थिति सामने आ गई। लेकिन प्रशासन की सक्रियता ने इस समस्या का भी सामाधान कर लिया गया। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑक्सीजन केद्रों और स्टॉक की जानकारी भी आमजन से शेयर की। वहीं, रिफलिंग प्लांट में हर व्यक्ति के लिए सुगम बनाया। हालांकि इस दौरान थोड़ी समस्या आई लेकिन सही कार्ययोजना के चलते ऑक्सीजन की कमी भी दूर की गई।

4- कोरोना योद्धाओं का सहयोग
अप्रैल में कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ का सबसे अहम योगदान रहा। ड्यूटी के दौरान चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ संक्रमित भी हुए लेकिन बावजूद इसके कोरोना योद्धाओं के बल पर जिले ने कोरोना संक्रमण पर जीत हासिल की।

5- सैपलिंग पर रहा अधिक जोर
संक्रमितों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच का दायरा बढ़ाया गया। 300बेड अस्पताल फ्लू कार्नर, जिला अस्पताल के साथी ही एमएमयू ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अधिक से अधिक सैपलिंग पर जोर दिया गया। यहीं नतीजा है कि जिले में अब तक 9,00,763 लोगों की सैपलिंग की गई, जिसमें से एंटीजन से4,92,073, आरटीपीसीआर से 3,87,426 व ट्रुनॉट से अब तक 21,264 लोगो की सैपलिंग की गई।

6- सामाजिक संस्थाओं ने बढ़ाए मदद को हाथ
जनपद में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जहां एक ओर कोरोना योद्धा अपनी जान पर खेल कर लोगों की जिदंगी बचाने का प्रयास कर रहे थे, वहीं, शहर की तमाम सामाजिक संस्थाओं ने भी आगे आकर जिले को कोरोना मुक्त कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी

7- एंबुलेंस सर्विस
कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए एंबुलेंस सर्विस का अहम योगदान रहा। शासन की ओर संचालित 108 एंबुलेंस सर्विस कोरोना संक्रमितों के लिए वरदान साबित हुई है। संक्रमितों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने में कई एंबुलेंसकर्मी स्वयं भी संक्रमित हो गए।

8- सैनेटाइजेशन से कम हुई रफ्तार
नगर निगम की ओर से संक्रमण की रफ्तार में कमी लाने के लिए शहर भर व्यापक तौर पर सैनेटाइजेशन कराया गया। नगर निगम की ओर से शहर के प्रत्येक वार्ड के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी सैनेटाइजर कर जनपद को संक्रमण मुक्त करने में योगदान दिया।

9- दवा की उपलब्ता
प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सयुंक्त सक्रियता से संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमितों के लिए दवा की उपलब्धता की कमी नहीं होने दी। संक्रमितों के लिए शासन की ओर से रेमिडिसीविर इंजेक्शन, डॉक्सी, आदि दवाओं की लगातार मांग कर आपूर्ति की गई।

10- आमजन की मजबूत इच्छाशक्ति
जिले में कोरोना संक्रमित हुए 43 हजार से अधिक संक्रमितों की मजबूत इच्छाशक्ति ने भी संक्रमण को हराने में बेहद सहयोग किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 35,944 लोगों ने होम आइसोलेशन में संक्रमण को मात दी। वही, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार कंटेक्ट सर्वे पर भी जोर दिया गया।

आंकड़ों पर एक नजर
  माह         संक्रमित
21 मई –     105
22 मई –     89
23 मई-      49
24 मई –     49
25 मई –     69
26 मई –     36
27 मई –     69
28 मई-      13

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