बरेली: कोरोना ने आठ बच्चों से छीना मां-बाप का साया, अब सहारा बनेगी ये सरकारी योजना

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बरेली,अमृत विचार। कोरोना ने कितनो के मांग का सिंदूर उजड़ा तो सैकड़ों बच्चों के सिर से मां-बाप दोनों का साया उठा लिया। बरेली जिले में ऐसे 20 बच्चे है जिनके सिर से मां-बाप में से एक का साया उठ गया। तो वहीं, 8 बच्चे ऐसे हैं जिनके सिर से मां-बाप दोनों का ही साया उठ …

बरेली,अमृत विचार। कोरोना ने कितनो के मांग का सिंदूर उजड़ा तो सैकड़ों बच्चों के सिर से मां-बाप दोनों का साया उठा लिया। बरेली जिले में ऐसे 20 बच्चे है जिनके सिर से मां-बाप में से एक का साया उठ गया। तो वहीं, 8 बच्चे ऐसे हैं जिनके सिर से मां-बाप दोनों का ही साया उठ गया। वह अनाथ हो गए। इन आंकड़ों का पता तब चला जब शासन की बाल सेवा योजना के लिए इन्हें ढूंढा गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी ऐसे और भी बच्चे सामने आएंगे जो अनाथ हो चुके है।

कोरोना संक्रमण की वजह से जिले में हजारों की संख्या में मौतें हुई। संक्रमण के बीच कितने बच्चे अनाथ हुए इसका किसी को पता नहीं चला। जब शासन ने बाल सेवा योजना शुरू की तब इन बच्चों की तलाश की गई। तो पता चला कि यह बच्चे अधिकांश उन परिवारों के है जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं है। उनके परिजन किसी तरह से अपने परिवार का गुजर बसर कर रहे थे। डीपीओ नीता अहिरवार ने बताया कि इस योजना से उन सभी बच्चों को लाभांवित किया जाएगा जो अनाथ हो चुके है या फिर मां-बाप में से किसी एक की मौत हो गई है।

क्या लाभ मिलेगा इस योजना में
डीपीओ बताती है कि पंजीकृत होने वाले बच्चों के लिए शासन की तरफ से चार हजार रुपये प्रति माह दिया जाएगा। साथ ही उच्च शिक्षा के लिए शासन की तरफ से एक-एक लैपटॉप भी दिया जाएगा। चार हजार रुपये उस दिन बंद हो जाएंगे जब बच्चा या तो 18 वर्ष का हो जाए या फिर वह 12वीं पढ़ाई पूरी कर ले।

इस योजना में कैसे होगा पंजीकरण
बरेली जिले के बच्चों के परिजनों या रिश्तेदार कलेक्ट्रेक्ट के कमरा नंबर आठ में जाकर वहां से इसका फार्म प्राप्त कर सकते है। वहीं पर उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी। यह कमरा जिला प्रोवेशन अधिकारी का है।

क्या-क्या कागजात चाहिए
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे जरूरी है परिजन का दो लाख रुपये से कम का आय प्रमाण पत्र। जो बच्चे अनाथ हो चुके है उनके लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यता नहीं है। बच्चों की पढ़ाई का कोई भी दस्तावेज, निवास प्रमाण पत्र, मृतक की कोरोना रिपोर्ट और बच्चों के फोटो।

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