बरेली: मंत्री के रिश्तेदार का भूखंड, इसलिए ध्वस्त नहीं की अवैध कॉलोनी

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बरेली, अमृत विचार। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की रामगंगानगर आवासीय कॉलोनी के पास बसाई गई अवैध ओम साईं कॉलोनी के मामले को लेकर अब जुर्माना और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराने की तैयारी की जा रही है। इस प्रकरण में यह सामने आया है कि आवासीय कॉलोनी में उत्तराखंड के एक मंत्री के रिश्तेदार का भी …

बरेली, अमृत विचार। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की रामगंगानगर आवासीय कॉलोनी के पास बसाई गई अवैध ओम साईं कॉलोनी के मामले को लेकर अब जुर्माना और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराने की तैयारी की जा रही है। इस प्रकरण में यह सामने आया है कि आवासीय कॉलोनी में उत्तराखंड के एक मंत्री के रिश्तेदार का भी भूखंड है। शायद इसी वजह से बीडीए अधिकारियों ने कई साल पहले बसी इस अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने की हिम्मत नहीं जुटाई। यह मामला सामने आने के बाद अब बीडीए कार्रवाई को आगे आया है।

डोहरा रोड पर नकटिया नदी के पास रामगंगानगर आवासीय कॉलोनी से जुड़ी ओम साईं कॉलोनी में करीब 35-40 आवासों के निर्माण हैं। इस कॉलोनी को बसे हुए सात से आठ साल हो चुके हैं, लेकिन बीडीए के अधिकारियों की नजर लंबे समय तक इस पर नहीं पड़ी। जबकि कॉलोनाइजर ने कॉलोनी के न केवल भूखंडों की बिक्री कर दी, बल्कि ज्यादातर लोगों ने इस पर आवास भी बना लिए हैं।

सूत्रों का कहना है कि इस कॉलोनी में एक बड़े भूखंड का एक ऐसा व्यक्ति भी मालिक है, जो पप्पू गिरधारी का रिश्तेदार बताया जाता है। पप्पू गिरधारी उत्तराखंड की एक मंत्री के पति हैं। जमीन से जुड़े कई विवादों में उनके नाम सामने आ चुके हैं। बीडीए के अधिकारियों ने भी शायद इसी वजह से रामगंगानगर से बिल्कुल जुड़ी इस अवैध कॉलोनी को लेकर कोई कार्रवाई लंबे समय तक नहीं की, लेकिन जब यह मामला कुछ दिन पहले बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह के पास पहुंचा तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर देखा।

वहां की सच्चाई देखकर वह भी दंग रह गए। कॉलोनी बनाने के लिए बीडीए से स्वीकृति नहीं ली गई लेकिन इस कॉलोनी की सड़कों को रामगंगानगर परियोजना की सड़कों से जोड़ दिया गया। योजना के रास्ते ही कॉलोनी में बिजली की सप्लाई भी हो रही है।

इसी रविवार को बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बुलडोजर मंगवाकर कॉलोनी के रास्ते को खुदवा दिया। उनका कहना है कि जुर्माने और ध्वस्तीकरण दोनों ही कार्रवाई हो सकती है। इसके लिए जांच कराई जा रही है। मामले में फंसे जेई सुनील गुप्ता ने स्पष्टीकरण दिया है कि यह मामला उनकी तैनाती से काफी पहले का है।

वर्जन-
यह मामले में जुर्माना और ध्वस्तीकरण आदि कार्रवाई के लिए तैयारी की जा रही है। कुछ और बिंदुओं पर जानकारी ली जा रही है। इस ही कार्रवाई होगी। -जोगिंदर सिंह, बीडीए उपाध्यक्ष

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