अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव का पलटवार, कहा- हमारे पर एक-एक रिकॉर्ड, जमीन खरीद में कोई घोटाला नहीं
अयोध्या, अमृत विचार। जन्मभूमि परिसर में भव्य मंदिर राम निर्माण के लिए पड़ोस में जमीन खरीद में घोटाले के आरोपों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चम्पतराय ने सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि एक-एक रिकॉर्ड है। आरोप लगाने वाले राजनीतिक लोग हैं। अयोध्या में रविवार को प्रेसवार्ता कर पूर्वमंत्री तेजनारायण पांडेय पवन …
अयोध्या, अमृत विचार। जन्मभूमि परिसर में भव्य मंदिर राम निर्माण के लिए पड़ोस में जमीन खरीद में घोटाले के आरोपों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चम्पतराय ने सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि एक-एक रिकॉर्ड है। आरोप लगाने वाले राजनीतिक लोग हैं।
अयोध्या में रविवार को प्रेसवार्ता कर पूर्वमंत्री तेजनारायण पांडेय पवन व लखनऊ में आप नेता संजय सिंह ने घोटाले का आरोप लगाकर सीबीआई जांच की मांग की। इसी दौरान मन्दिर निर्माण की बाबत हो रही बैठक के बाद पत्रकारों के पूछने पर ट्रस्ट महासचिव चम्पतराय ने किसी भी कमेंट से इनकार कर दिया था। लेकिन देर रात प्रेस रिलीज जारी कर घोटाले मामले में अपना पक्ष रखा।
घोटाले के आरोपों पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रेस रिलीज में राजनीतिक साजिश बताया। कहा कि मंदिर के लिए खरीदी जा रहीं जमीनें बाजार से बहुत कम रेट पर ली जा रहीं हैं। अब तक मंदिर के लिए खर्च हुए एक-एक पैसे का हिसाब रिकॉर्ड पर है।मन्दिर का परकोटा व रिटेनिंग वाल के वास्तु दोष को ठीक करने के लिए मंदिर के आसपास की जमीनों को खरीदा गया। जो जमीन खरीदी गई वह खुले बाजार मूल्य से बहुत कम में खरीदी गई।
उक्त भूमि को खरीदने के लिए वर्तमान विक्रेता गणों ने वर्षों पूर्व जिस मूल्य पर अनुबंध किया था उस भूमि को 18 मार्च को बैनामा कराया उंसके बाद ट्रस्ट के साथ अनुबंध हुआ। जो राजनीतिक लोग इस पर प्रचार कर रहे वह भ्रम फैला रहे जनता को गुमराह कर रहे। संबंधित व्यक्ति राजनैतिक है और राजनैतिक विद्वेष से प्रेरित है।
ट्रस्ट का कहना है कि सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने करीब 10 साल पहले ही बाग बिजेसर की जमीन कुसुम पाठक और हरीश पाठक से खरीद ली थी। तब के हिसाब से इसका रेट दो करोड़ तय कर लिया था। इसकी रजिस्ट्री भी करा ली थी। जब मंदिर ने इस जमीन को खरीदने की इच्छा जताई तो सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने पाठक परिवार से इस जमीन का बैनामा तय रेट पर 18 मार्च 2021 को कराया। फिर उसे आज की रेट के हिसाब से मंदिर ट्रस्ट को बेचा।
इसमें कहीं से भी कोई घोटाला और हेराफेरी नहीं है। ये केवल राम भक्तों को गुमराह करने के लिए साजिश है।120 80 वर्ग मीटर को वर्ग फुट में बदलिए, 130020 वर्ग फुट आएगा। इस हिसाब से तकरीबन 1325 रुपये प्रति वर्ग फुट कीमत आ रही है। आपको बेहतर पता है कि राम जन्मभूमि से 2 किलोमीटर की दूरी पर पूरी अयोध्या में कहीं भी इतने कम रेट पर जमीन नहीं मौजूद है. कहीं कोई घोटाला नहीं है। दूसरी ओर राममंदिर निर्माण को लेकर सोमवार को बैठक हुई। जिसकी समाप्ति के बाद बगैर पत्रकारों से वार्ता किए ट्रस्ट महासचिव पिछले गेट से बाहर निकल गए।

कांग्रेस ने ट्रस्ट महासचिव व सदस्य को हटाने की मांग की
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि जिस राम में आस्था जताकर करोड़ों हिंदुओं ने दिल खोलकर चंदा दिया उसी राम के नाम के साथ यह लोग घोटाला करके राम के साथ ही नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं के साथ खेल किया है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि चंपत राय व अनिल मिश्रा अयोध्या के साथ ही मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, सुल्तान अंसारी व रवी मोहन तिवारी पर कानूनी कार्रवाई की जाए और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। चंपत राय, अनिल मिश्रा को राम जन्म भूमि ट्रस्ट के तत्काल हटाया जाए और अभी तक हुई रामजन्मभूमि ट्रस्ट की खरीद फरोख्त की जांच कराई जाए।
