लखीमपुर खीरी: उफनाई घाघरा काट रही कृषि भूमि, कई गांव निशाने पर
धौरहरा/लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। धौरहरा तहसील क्षेत्र में शारदा व घाघरा नदियों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है। शारदा नदी में बाढ़ से जहां सैकड़ों घर जलमग्न है वहीं घाघरा हजारों एकड़ भूमि का कटान कर आबादी की तरफ बढ़ रही है। जबकि तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में किसानों की फसलें नदी में …
धौरहरा/लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। धौरहरा तहसील क्षेत्र में शारदा व घाघरा नदियों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है। शारदा नदी में बाढ़ से जहां सैकड़ों घर जलमग्न है वहीं घाघरा हजारों एकड़ भूमि का कटान कर आबादी की तरफ बढ़ रही है। जबकि तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में किसानों की फसलें नदी में समा रही है। किसान अपने खून पसीने से बनाई गई फसलों को अपने आप उजाड़ रहे हैं। बाढ़ खण्ड के अधिकारी -कर्मचारी बचाव कार्य छोड़कर गायब है।
उफनाई घाघरा नदी ने बीते दो सप्ताहों में तहसील क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की फसलों सहित हजारों एकड़ फसल लगी कृषि योग्य जमीन को अपने आगोश में ले लिया है। जबकि रामनगर बगहा के करीब बीस घरों के समीप घाघरा कटान करती हुई पहुंच गई है। नदी का रौद्र रुप देखकर ग्रामीण सहमे हुए हैं।

तहसील क्षेत्र के विकास क्षेत्र रमियाबेहड़ गांव रामनगर बगहा, घोसियाना, गोड़ियन पुरवा, सुजानपुर, मोटेबाबा, बाछेपारा आदि गांवों में घाघरा नदी कृषि योग्य भूमि का कटान कर रही है। पीड़ित किसान बताते हैं कि बीते वर्ष भी घाघरा नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाकर उनकी कृषि योग्य भूमि को खड़ी फसलों सहित अपने आगोश में ले लिया था।
बाछेपारा, भटपुरवा, बिन्जहा, धारीदासपुरवा सहित आस पास के करीब आधा दर्जन गांवों को घाघरा नदी के कटान से निजात दिलाने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई पांच करोड़ अठारह लाख की परियोजना को अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। घाघरा नदी ने रौद्र रूप धारण कर करीब सौ मीटर बांध काट लिया है।
जिससे आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बाढ़ खण्ड बचाव करने की जगह पर वहां से गायब है। ग्रामीण बताते हैं कि घाघरा नदी द्वारा कटान किए जाने के बाद भी न तो तहसील प्रशासन उनकी सुधि ले रहा है और न ही बाढ़ खण्ड।
