कोरोना महामारी की तीसरी लहर में जरूरी नहीं बच्चे ही अधिक प्रभावित हों: डॉ. आरके गर्ग

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वैक्सीनेशन की गति कई प्रदेशों से दोगुनी और तीन गुनी है। ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर जो डर लोगों में व्याप्त है और कुछ असमाजिक तत्व उनको भ्रमित कर रहे हैं जिनकी पहचान की गई है। जिलों के आला अफसर उनसे परस्पर बातचीत करके उन्हीं के गांव और कस्बों में …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वैक्सीनेशन की गति कई प्रदेशों से दोगुनी और तीन गुनी है। ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर जो डर लोगों में व्याप्त है और कुछ असमाजिक तत्व उनको भ्रमित कर रहे हैं जिनकी पहचान की गई है। जिलों के आला अफसर उनसे परस्पर बातचीत करके उन्हीं के गांव और कस्बों में सबके बीच उनका टाकीकरण करा रहे हैं, जिससे समाज के वो लोग जो भ्रमित थे इनको देखकर वैक्सीन लगवाना शुरू कर दिए हैं। सरकार सभी का वैक्सीनेशन पारस्परिक सद्भाव से कर रही है। ये अभियान किसी जोर या दबाव में चला पाना उचित नहीं है।

उक्त बातें विशिष्ट वक्ता आईएएस अधिकारी कुमार हर्ष ने गुरुवार को सरस्वती कुंज निरालानगर स्थित प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भैया डिजिटल सूचना संवाद केंद्र में आयोजित ‘बच्चे हैं अनमोल’ अभियान कार्यक्रम में कहीं। इस कार्यक्रम में विद्या भारती के शिक्षक, बच्चे और उनके अभिभावक आनलाइन जुड़े थे, जिनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। विशिष्ट वक्ता आईएएस अधिकारी कुमार हर्ष ने कोरोना वायरस से निपटने को लेकर सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से ही सरकार ने तीसरी लहर से निटपने की तैयारी शुरू कर दी। प्रत्येक जिले में पीकू बेड की भी व्यवस्था हो रही है। बच्चों के लिए भी दवाओं का वितरण किया जा रहा है, जो इम्युनिटी बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन को लेकर अब समस्या नहीं दिखेगी, क्योंकि उत्पादन बढ़ा दिया गया है और मॉनीटरिंग सिस्टम को मजबूत कर लिया गया है। उन्होंने प्रभावशाली नेताओं, धर्मगुरुओं और समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि समाज के लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता केजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. आरके गर्ग ने कोरोना वायरस की दो लहरों से देश निपट चुका है और तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की भविष्यवाणी की जा रही है, हालांकि ये जरूरी नहीं है कि बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि पिछली दो लहरों में देश के अधिकतर लोग या तो संक्रमित हो चुके हैं या उनका टीकाकरण हो चुका है, उनमें अब इम्युनिटी भी बन चुकी है। ऐसे में अब स्थिति भिन्न है। इसके बावजूद हमें तैयारियां पूरी करनी होगी। उन्होंने अभिभावकों को सलाह देते हुए कहा कि बच्चों में यदि कोई लक्षण नजर आएं तो उन्हें नजरअंदाज न करें और जांच जरूर कराएं।

कार्यक्रम अध्यक्ष गोसेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. श्याम नंदन सिंह ने कोरोना से निपटने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महामारी से सरकार अकेले नहीं निपट सकती है, इसमें समाज का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें पहली और दूसरी लहर के अनुभवों से सीख लेनी चाहिए और तीसरी लहर की संभावना मानकर तैयारी करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि महामारी की चपेट में बच्चें न आने पाएं, इसलिये अभिभावकों को जागरूक होना होगा। अभिभावकों को अपने बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना होगा। उन्हें पौष्टिक आहार दें, जिससे उनकी इम्युनिटी अच्छी रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा ने किया। इस कार्यक्रम में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के सह प्रचार प्रमुख भास्कर दूबे, शुभम सिंह सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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