बरेली: तैयार कराई जा रही वोटरों की सूची, चुनाव की चर्चा तेज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। छावनी परिषद के चुनाव पिछले करीब एक साल से भी ज्यादा समय से टले हुए हैं। कैंट बोर्ड के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल भी दो बार बढ़ाया जा चुका है। हालांकि करीब डेढ़ महीने पहले कार्यकारिणी भंग होने के बाद से छावनी परिषद के आगामी चुनाव को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई …

बरेली, अमृत विचार। छावनी परिषद के चुनाव पिछले करीब एक साल से भी ज्यादा समय से टले हुए हैं। कैंट बोर्ड के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल भी दो बार बढ़ाया जा चुका है। हालांकि करीब डेढ़ महीने पहले कार्यकारिणी भंग होने के बाद से छावनी परिषद के आगामी चुनाव को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।

इस बीच कोविड संक्रमण की रफ्तार कुछ कम हुई तो कैंट बोर्ड ने वोटर लिस्ट तैयार करानी शुरू कर दी है। इससे जल्द ही छावनी परिषद के चुनाव होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने अभी इस पर चुप्पी साधी हुई है।

छावनी क्षेत्र की आबादी करीब 35 हजार है। यहां सात वार्ड हैं। कोरोना काल के दौरान दो निवर्तमान पार्षद एडवोकेट राजकुमार और वेदप्रकाश तनेजा की मौत भी हो चुकी है। पिछले कार्यकारिणी चुनाव में यहां करीब साढ़े बारह हजार वोट थे। इस बार भी छावनी बोर्ड की टीम घर-घर जाकर वोटर लिस्ट संशोधित करने में जुट गई हैं। वोटर लिस्ट में छावनी क्षेत्र के आम नागरिकों के अलावा सैन्य कर्मी भी शामिल होते हैं।

सैनिकों के तबादले से बदलता है चुनावी गणित
कैंट बोर्ड के एक अधिकारी बताते हैं कि आम इलाकों से छावनी क्षेत्र की स्थिति काफी अलग होती है। हर साल बड़ी संख्या में फौजियों के ट्रांसफर हो जाते हैं। इससे वोटर बड़े स्तर पर बदलते हैं। मार्च, अप्रैल या मई के महीने में अधिकांश तबादले होते हैं। इसलिए हर साल जून में दोबारा वोटर लिस्ट तैयार होती है।

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