मुरादाबाद: वसूली के लिए सरकारी विभागों की कटेगी बिजली, विभागों पर बकाया 23 करोड़
मुरादाबाद, अमृत विचार। बकाया वसूली के लिए बिजली अफसरों ने सरकारी विभागों पर कड़ाई करने की तैयारी कर रहा है। जिलेभर के सरकारी विभागों पर बिजली विभाग का करीब 23 करोड़ रुपया बकाया है। इसमें सबसे अधिक करीब दस करोड़ रुपया विकास भवन पर बकाया है। इसी तरह बेसिक शिक्षा व पुलिस महकमे के कार्यालय …
मुरादाबाद, अमृत विचार। बकाया वसूली के लिए बिजली अफसरों ने सरकारी विभागों पर कड़ाई करने की तैयारी कर रहा है। जिलेभर के सरकारी विभागों पर बिजली विभाग का करीब 23 करोड़ रुपया बकाया है। इसमें सबसे अधिक करीब दस करोड़ रुपया विकास भवन पर बकाया है।
इसी तरह बेसिक शिक्षा व पुलिस महकमे के कार्यालय भी बड़े बकाएदारों की सूची में शामिल हैं। कई बार सूचना देने के बाद भी संबंधित विभाग के अफसर पूरा बकाया बिल न देकर 10 से 20 फीसदी बिल का ही भुगतान करते हैं। यह भुगतान भी तब होता है जब संबंधित विभाग की बिजली गुल कर दी जाती है।
बता दें कि समय से बिल वसूली न होने के कारण हाल ही में हुई वीसी पर स्थानीय अफसरों की फटकार भी लगी थी। शत-प्रतिशत वसूली की फटकार लगने के बाद विभागीय अफसरों ने बड़े बकाएदारों के कनेक्शन काटने का मन बना लिया है। बिलों की वसूली के लिए चलाए जाने वाले अभियान में आम महानगरवासियों पर तो अफसरों का जोर चल जाता है लेकिन बड़े बकाएदारों के सामने अभियान फुस्स हो जाता है।
खास बात यह है कि बड़े बकाएदारों की सूची में तमाम सरकारी महकमे हैं। जिन पर बिजली विभाग का लाखों रुपया लंबे वक्त से बकाया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो विकास भवन, आबकारी विभाग, आवास विकास, कृषि तथा अन्य संबद्ध विभाग, क्षेत्रीय जिला ग्राम विकास संस्थान, मंडल पंचायत प्रशासन, एलोपैथिक एवं औषधालय, नगर विकास विभाग, परिवहन विभाग, जिला प्रशासन राजस्व विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद समेत अधिकतर विभागों पर बिजली विभाग का बिल बकाया है।
विभाग बकाया
विकास भवन 10 करोड़
बेसिक शिक्षा विभाग 2 करोड़ 95 लाख
पुलिस विभाग 1 करोड़ 10 लाख
नगर विकास 2 करोड़ 54 लाख
अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि बकाया वसूली को लेकर शासन ने सख्त रवैया अपनाया है। खासतौर पर सरकारी विभागों पर बकाया काफी है, इसको लेकर नोटिस भेजे जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
