गोरखपुर: डीडीयू ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 जुलाई तक बढ़ाई, ऐसे करें अप्लाई
गोरखपुर। कोविड-19 महामारी से जनित समस्याओं एवं विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के स्नातक, परास्नातक और स्पेशल कोर्स में ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 22 जुलाई तक विस्तारित करने का निर्देश दिया है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के …
गोरखपुर। कोविड-19 महामारी से जनित समस्याओं एवं विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के स्नातक, परास्नातक और स्पेशल कोर्स में ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 22 जुलाई तक विस्तारित करने का निर्देश दिया है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तिथि 30 जून तक निर्धारित थी। जिसे अब कोविड 19 महामारी के चलते विस्तारित कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय के स्नातक में बीए, बीएसएसी, बीकॉम, एलएलबी, बीएससी (एजी) और बीटेक समेत अन्य पाठ्यक्रमों तथा परास्नातक में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी एमए, एमएससी, एमकॉम और एलएलएम एवं एमएससी (एजी) समेत अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 28 मई से शुरू हुआ था। प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन 19 जुलाई से प्रस्तावित है। पहली बार कृषि और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। इंजीनियरिंग में 60 सीटों पर प्रवेश होगा।
ऐसे ही कृषि में दाखिला के लिए (ICAR) के माध्यम से 10 फीसदी प्रवेश होंगे। शेष सीट पर विवि अपने स्तर से प्रवेश सुनिश्चित करेगा। प्रवेश परीक्षा की समुचित जानकारी विवि की वेबसाइट http://www.ddugu.ac.in/ पर अपलोड की जाएगी। इसके लिए स्नातक और परास्नातक प्रवेश का ब्राशर तैयार किया जा रहा है। जहां प्रवेश से जुड़ी सभी जानकारी विद्यार्थियों की सहुलियत के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय छात्रों और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रवेश लेने में फेलोशिप मुहैया कराई जाएगी। ताकि विद्यार्थी अपने खेल पर फोकस कर सकें।
सात दिवसीय रिसर्च मेथाडोलॉजी इन पॉलिटिकल साइंस विषय पर वर्कशॉप का उद्घाटन
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में सात दिवसीय रिसर्च मेथाडोलॉजी इन पॉलिटिकल साइंस विषय पर एक वर्कशॉप का उद्घाटन किया गया इसके स्वागत भाषण में ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रोफ़ेसर हिमांशु पांडे ने कहा कि शोध आंकड़ों पर आधारित होना चाहिए आज चुनावी व्यवहार को समझने के लिए भी रिसर्च मेथाडोलॉजी को ही आधार बनाया जाता है। शोध का लाभ पूरे समाज को मिलता है, व्यक्ति को शोध करते समय किसी भी प्रकार के दुराग्रह से दूर रहना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ,इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के कुलपति ने कहा की खोज परीक्षण के सतत प्रक्रिया है ,शोध के माध्यम से हम भविष्य के लिए कुछ निश्चित निर्णय लेते हैं। शोध तथ्यपरक होना चाहिए ,शोध का लक्ष्य ज्ञान की समृद्धि को व्यवस्थित करना है। उन्होंने गुणात्मक शोध करने पर बल देते हो कहा कि शोधार्थी के अंदर जिज्ञासा होनी चाहिए। शोध करते समय व्यक्ति को सकारात्मक होना चाहिए एवं शोधार्थी पूर्णतया अपने शोध के प्रति प्रतिबद्ध हो। सत्र के दूसरे चरण में प्रोफेसर गोपाल प्रसाद ने संबोधित करते हुए कहा कि शोध मूल्यपरक होना चाहिए ,शोधार्थी को सांख्यिकी पर आधारित शोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शोध करते समय हमारा ध्यान मानव पर आधारित होना चाहिए।संचालन डॉ अमित कुमार उपाध्याय एवं धन्यवाद प्रोफेसर रूसी राम महानंदा ने किया।
