Doctor Day Special: 10 माह से बिना छुट्टी लिए की संक्रमितों की सेवा
बरेली, अमृत विचार। कोविड काल में एक तरफ कई डाक्टर ड्यूटी से बचने के तरीके खोजते दिखते रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ 300 बेड कोविड अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा.वागीश वैश्य दिखा रहे हैं कि आखिर डाक्टरों को क्यों कोरोना योद्धा कहा गया। उन्होंने न सिर्फ मरीजों की परेशानी को देखकर ओपीडी शुरु की …
बरेली, अमृत विचार। कोविड काल में एक तरफ कई डाक्टर ड्यूटी से बचने के तरीके खोजते दिखते रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ 300 बेड कोविड अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा.वागीश वैश्य दिखा रहे हैं कि आखिर डाक्टरों को क्यों कोरोना योद्धा कहा गया।
उन्होंने न सिर्फ मरीजों की परेशानी को देखकर ओपीडी शुरु की बल्कि दस महीने से बिना छुट्टी लिए हुए लगातार मरीजों का इलाज कर रहे हैं। फिजीशियन डा.वागीश वैश्य संभवत: जिले में पहले डाक्टर थे, जिन्होंने कोरोना संक्रमण से जुड़ा मामला देखा। दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर लगातार काम करने का ईनाम भी मिला, जब 300 बेड कोविड अस्पताल बनने पर उन्हें यहां प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) की जिम्मेदारी मिली।

प्रशासनिक पद के साथ वह संक्रमित मरीजों के इलाज में लगे रहे। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी वह समय खत्म होने के बाद भी अधिक से अधिक मरीजों को देखते रहते थे। मार्च महीने में जिले में कोरोना की दस्तक के बाद से डॉ.वैश्य के पास मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी थी। तब से दस महीने हो चुके, सैकड़ों कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया।
डॉ.वैश्य बताते हैं कि इस दौरान एक भी दिन छुट्टी नहीं ली। चार बार एहतियातन कोरोना संक्रमण की जांच कराई, लेकिन हर बार निगेटिव रहे। इसकी वजह है व्यायाम। वह बताते हैं कि रोजाना एक घंटे तक बैडमिंटन जरूर खेलते हैं। जिससे शरीर दिन भर चार्ज और इम्यून सिस्टम भी मजबूत रहता है।
