जिपं अध्यक्ष चुनाव: बहुमत भाजपा न सपा के पास, टक्कर जबर्दस्त

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बरेली, अमृत विचार। पीलीभीत और शाहजहांपुर जनपद में रातोंरात सपा प्रत्याशियों को भाजपा की सदस्यता दिलाकर भाजपा प्रत्याशियों को निर्विरोध जिताने के खेल के बाद बरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा किसी प्रकार की ढील नहीं दे रही है। इस बार भाजपा की रश्मि पटेल और सपा की विनीता गंगवार के …

बरेली, अमृत विचार। पीलीभीत और शाहजहांपुर जनपद में रातोंरात सपा प्रत्याशियों को भाजपा की सदस्यता दिलाकर भाजपा प्रत्याशियों को निर्विरोध जिताने के खेल के बाद बरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा किसी प्रकार की ढील नहीं दे रही है। इस बार भाजपा की रश्मि पटेल और सपा की विनीता गंगवार के बीच सीधी टक्कर है।

ऐसे में सपा ने जहां अपने समर्थित सदस्यों की निगरानी तेज कर दी है। वही, भाजपा ने भी अपने वरिष्ठ नेताओं को सदस्यों की निगहबानी में लगा दिया है। ऐसे में यह कहना गलता नहीं होगा कि दोनों ही दलों के लिए सदस्यों को अपने पाले में 3 जुलाई तक रोकना एक बड़ी चुनौती है।

60 जिला पंचायत सदस्यों वाले इस चुनाव में मुकाबला भी कड़ा हो गया है। दरअसल जिपं अध्यक्ष बनने के लिए भाजपा और सपा दोनों के पास अभी पर्याप्त समर्थन नहीं है। भाजपा को 15 सदस्यों का समर्थन हासिल है, जबकि अध्यक्ष पद के लिए 31 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। इसी तरह सपा के पास 26 सदस्य पहले से हैं। दोनों ही दल के नेता लगातार यही कह रहे हैं उनके पास पर्याप्त संख्या बल है। उनकी पार्टी का ही प्रत्याशी चुनाव जीतेगा।

इधर, जिला पंचायत अध्यक्ष के पिछले कुछ चुनावों पर नजर डालें तो विपक्ष से जुड़े दल का ही प्रत्याशी अध्यक्ष पद की कुर्सी पर काबिज होता रहा है। यह बात अलग है कि बीते चुनाव में संजय सिंह ने सपा सरकार में जीत हासिल की। बाद में सत्ता परिवर्तन होते ही सपा का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। सपा जिलाध्यक्ष अगम मौर्या का कहना है कि भाजपा को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी जाने का डर सता रहा है।

इसलिए भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस प्रशासन भी पार्टी के सदस्यों को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन पार्टी को पूरा विश्वास है इस बार फिर बरेली इतिहास दोहराएगा और विपक्षी दल के प्रत्याशी के रूप में विनीता गंगवार जिला पंचायत अध्यक्ष बनेंगी। वहीं दूसरी ओर कई वर्ष बाद यह पहला मौका है कि जब ज्यादा आसानी से सदस्य टूट रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि भाजपा से ज्यादा सपा को क्रास वोटिंग का डर सता रहा है।

इस वजह से तमाम सपा नेता पार्टी समर्थित पंचायत सदस्यों पर अपनी निगाहें बनाए हुए हैं। कुछ पंचायत सदस्यों के फोन भी जमा करा लिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि वह अपने घरों में रहें। भाजपा के वरिष्ठ नेता भी पंचायत सदस्यों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। हालांकि, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन शर्मा कहते हैं कि बरेली में भाजपा प्रत्याशी काफी अच्छे मतों से पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतेंगे। बहुमत से ज्यादा पंचायत सदस्यों ने भाजपा के पक्ष में मतदान करने की बात कही है।

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