सियासी रण में ‘डर’ या बिसात पर नई ‘चाल’

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अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। उत्तराखंड में तीन दिन तक चले हाई वोल्टेज सियासी ड्रामे का खात्मा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के साथ ही हो गया है। इसी के साथ यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिरकार क्यों तीरथ सिंह रावत को चुनाव लड़ने नहीं दिया गया? जबकि आखिर तक तीरथ सिंह रावत चुनाव …

अंकुर शर्मा, हल्द्वानी। उत्तराखंड में तीन दिन तक चले हाई वोल्टेज सियासी ड्रामे का खात्मा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के साथ ही हो गया है। इसी के साथ यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिरकार क्यों तीरथ सिंह रावत को चुनाव लड़ने नहीं दिया गया? जबकि आखिर तक तीरथ सिंह रावत चुनाव लड़ने का दावा करते रहे। खुद प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक ने चुनावी समर में तीरथ सिंह रावत को सेनापति बताते हुए उन्हीं के चेहरे पर चुनाव लड़ने का दावा किया था।

सियासी जानकारों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी हाई कमान एक तीर से कई निशाने साधने में लगा हुआ है। कोविड-19 महामारी, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर एंटी इंक्मबेंसी फैक्टर प्रभावी है। हाई कमान को डर था कि तीरथ सिंह रावत को उप चुनाव लड़ाया तो वह चुनाव हार सकते हैं। इसके पीछे तीरथ सिंह रावत की हालिया बयानबाजी भी एक मुख्य वजह है। वजह यह भी है कि उत्तराखंड भाजपा के कई गुट मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को हराने में जुटे हुए थे।

ऐसे में भाजपा में भी कांग्रेस की तरह गुट बढ़ेंगे और बिखराव होगा। ऐसे में आगामी विस चुनाव में भाजपा को नुकसान हो सकता है। इसके उलट यदि हाई कमान रिस्क लेकर उप चुनाव करवाती है तो पश्चिमी बंगाल समेत अन्य राज्यों में भी चुनाव कराना होगा। जो भाजपा के लिए मुसीबत बन सकता है। भाजपा हाई कामन उत्तराखंड की बिसात पर देश की राजनीति में नई चाल चलने की फिराक में है। ऐसे में पांच सांसदों वाले राज्य के लिए भाजपा हाई कमान बड़े राज्यों में खतरा मोल नहीं लेना चाहती है। इसके अलावा 57 विधायक भाजपा के हैं, यहां सरकार के अस्थिरता का भी खतरा नहीं है। ऐसे में यदि चार साल तीन महीने की सरकार में उत्तराखंड को तीसरा मुख्यमंत्री दे दिया जाए तो कोई नुकसान नहीं है।

… तो रावत ही होगा अगला मुख्यमंत्री
सूत्रों की मानें तो भाजपा हाई कमान ने तय कर दिया है कि अगला मुख्यमंत्री गढ़वाल मंडल से रावत ही होगा। हालांकि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और संघ में गहरी पकड़ रखने वाले एक नेता कुमाऊं के खटीमा से पुष्कर सिंह धामी को लेकर अड़े हुए हैं।आज शाम तक नए मुख्यमंत्री का चेहरा भी तय हो जाएगा।

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