बरेली: सस्ता सोना दिलाने के नाम पर सर्राफ से ठगे 40 लाख

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। फिल्मी अंदाज में स्क्रिप्ट रचकर पुलिसकर्मी और उसके छह और साथियों ने मिलकर सर्राफ को सस्ता सोना दिलाने की बात कहकर अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद उन्होंने सर्राफ से 40 लाख रुपये ले लिए और फिर कह दिया कि एटीएस ने दबिश देकर सोना और रुपया दोनों पकड़ लिया है। …

बरेली, अमृत विचार। फिल्मी अंदाज में स्क्रिप्ट रचकर पुलिसकर्मी और उसके छह और साथियों ने मिलकर सर्राफ को सस्ता सोना दिलाने की बात कहकर अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद उन्होंने सर्राफ से 40 लाख रुपये ले लिए और फिर कह दिया कि एटीएस ने दबिश देकर सोना और रुपया दोनों पकड़ लिया है। पीड़ित सर्राफ से एसएसपी से मामले की शिकायत की। जिसके बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि अभी तक रुपयों की बरामदगी नहीं हो सकी है।

शास्त्रीनगर के रहने वाले सुभाषचंद्र ने बताया कि वह सर्राफ हैं। उन्हें कुछ समय पहले मेरठ के रहने वाले चंद्रपाल शर्मा उर्फ अनिल शर्मा ने बताया था कि उनकी पहचान का एक बड़ा व्यापारी है जो सोने की ब्रेड का काम करता है। वह उसे सस्ते में सोना दिलवा देगा। सुभाषचंद्र और उनके बेटे ने उस पर विश्वास कर लिया। इसके बाद सुभाषचंद्र की मुलाकात रविंद्र सिंह निवासी दोपहरिया किच्छा उधम सिंह नगर से हुई। उसने उन्हें बताया कि उनके एक परिचित का सोने की ब्रेड का काम है।

वह उन्हें उनसे मिलवा देगा। रविंद्र सिंह ने 22 मई को पीलीभीत बाईपास स्थित निजी होटल में उसकी मुलाकात अनिल शर्मा से कराई। अनिल ने बताया कि वह छोटे व्यापारियों के साथ काम नहीं करता। वह एक किलो सोने से कम का काम नहीं करता। एक किलो सोने की कीमत 43 लाख रुपये है। सर्राफ उनकी बातों में आ गया और 30 जून को 40 लाख रुपये लेकर अनिल शर्मा के बताए पते पर पलिया खीरी पहुंच गया। वहां पर उन्होंने अनिल शर्मा और उसके साथी को 40 लाख रुपये दे दिए।

इसके बाद अनिल ने उनसे कहा कि वह सोने की ब्रेड दे रहे हैं और वहां से आगे चले गए। इसके बाद अनिल शर्मा के साथ आया लड़का उन्हें सोना दिलाने की बात कहकर खुटार में तिकोनिया स्थित पेट्रोल पंप के पास ले गया। वहां उसने एक बैग उठाया तभी वहां पर एकसफेद रंग की कार आ गई। जिसके बाद कार से कुछ वर्दी वाले पुलिसकर्मी उतरे और लड़के को बैग समेत कार में बैठा लिया।

इसके कुछ देर बाद अनिल ने उन्हें फोन किया और बताया कि उनके पीछे एटीएस पड़ गई है और वह नेपाल भागकर आ गया है। वह लोग वहां से निकल जाएं। उनका रुपया लौटा दिया जाएगा। यह सुनकर सर्राफ भी वहां से चले आए। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी रुपया वापस नहीं किया। अब वह उससे कह रहा है कि वह ऐसे ही ठगी करते हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसएसपी से की।

जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने मेरठ निवासी चंद्रपाल वर्मा, किच्छा के उधम सिंह नगर निवाीस रविंद्र कुमार, लखीमपुर खीरी निवासी अहिबाब, शाहजहांपुर निवासी मोहम्मद इकबाल, मेरठ सदर बाजार निवासी इरशाद, शाहजहांपुर निवासी शरीफ समेत पुलिस लाइन में तैनात सिपाही बृजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रात तक उनसे पूछताछ कर रही थी।

सिपाही को किया निलंबित
एसएसपी ने ठगों के साथ काम करने वाले सिपाही को निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस सिपाही बृजेश का इतिहास खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ किसी और थाने में भी कोई मामला दर्ज हो सकता है।

क्राइम ब्रांच ने पकड़ा पुलिस को पता ही नहीं
पीड़ित की शिकायत के बाद एसएसपी ने एसओजी और क्राइम ब्रांच को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगा दिया था। इसके बाद पुलिस ने कॉल डीटेल निकालकर सातों लोगों की गिरफ्तारी कर ली। पुलिस इससे जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि सर्राफ को ठगों ने अपने जाल में फंसाकर उससे 40 लाख रुपये ठगे थे। पुलिस ने ठगी करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। उनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। सातो लोगों को सुबह जेल भेजा जाएगा।

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