बरेली: नौकरी का झांसा देकर तीन किशोरों को बंधक बना कराई मजदूरी
बरेली, अमृत विचार। एक व्यक्ति अपने ही गांव के तीन किशोरों को टेलीकॉम कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर साथ ले गया। फिर लखीमपुर खीरी में एक व्यक्ति को सौंप दिया, जहां उसने बच्चों को 5 महीने बंधक बनाकर मजदूरी कराई, मारपीटा और भूखा रखा। इस दौरान आरोपी किशोरों को लेकर महानगर पहुंचा, जहां …
बरेली, अमृत विचार। एक व्यक्ति अपने ही गांव के तीन किशोरों को टेलीकॉम कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर साथ ले गया। फिर लखीमपुर खीरी में एक व्यक्ति को सौंप दिया, जहां उसने बच्चों को 5 महीने बंधक बनाकर मजदूरी कराई, मारपीटा और भूखा रखा। इस दौरान आरोपी किशोरों को लेकर महानगर पहुंचा, जहां उन्हें केबल खुदाई में लगा दिया। एक किशोर ने किसी तरह अपने परिजन को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने तीन किशोरों को आरोपियों के कब्जे से छुड़वाया। अब भी दो किशोर आरोपियों के चंगुल में हैं। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ एसएसपी से शिकायत की तो उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
नौकरी दिलवाने का दिया लालच
शाही थानाक्षेत्र के खजुरिया में रहने वाले रूप नरायण ने बताया कि उनके गांव का एक व्यक्ति 15 फरवरी को रामपाल व नरायन दास के बेटों के साथ उनके बेटे को टेलीकॉम कंपनी में नौकरी दिलवाने और कंपनी द्वारा पढ़ाई-लिखाई करवाने का लालच देकर अपने साथ ले गया। किशोरों को युवक लखीमपुर खीरी ले गया, जहां थाना शाही के बगरऊ गौंटिया निवासी एक व्यक्ति के हवाले कर दिया। दूसरे आरोपी ने तीनों किशोरों को नाली खुदवाने और टेलीकॉम कंपनी की केबल लाइन बिछाने की मजदूरी पर लगा दिया।
भूखा-प्यासा रखा
पीड़ित ने बताया कि किशोरों ने जब मजदूरी करने से मना किया तो आरोपी ने उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की और भूखा-प्यासा रखा। इसके बाद उन्हें जबरन मिट्टी खोदने की मजदूरी पर लगा दिया। रूप नारायण ने किशोंरों की काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।
केबल बिछवाने का काम करवा रहा था
पीड़ित ने बताया कि करीब 10 दिन पहले किशोरों को लेकर आरोपी बरेली पहुंचा। यहां किशोरों से केबल बिछवाने का काम करवा रहा था। तभी एक किशोर ने किसी तरह अपने परिजनों तक सूचना पहुंचाई। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और अपने बेटे व दो अन्य किशोरों को आरोपी के चंगुल से छुड़ाकर ले आए। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने किशोरों से 5 महीनों तक कठोर काम कराकर उनका शारीरिक व मानसिक शोषण किया है। साथ ही पांच महीने की मजदूरी भी नहीं दी है। बताया जा रहा है कि गांव के दो किशोर अब भी आरोपियों के चंगुल में हैं। परिजनों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल व बाल कल्याण आयोग से भी की है।
