टोक्यो ओलंपिक एथलेटिक्स स्पर्धाओं में होगा ‘मेड इन इंडिया’ का जलवा
नई दिल्ली। एथलेटिक्स में भले ही भारत के महाशक्ति बनने के आसार नहीं हो लेकिन भारत की उपकरण निर्माता कंपनियां टोक्यो ओलंपिक स्टेडियम में ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं के दौरान अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज करायेंगी । विश्व एथलेटिक्स ने जिन छह कंपनियों को शॉटपुट, चक्का और तारगोला फेंक स्पर्धाओं के दौरान उपकरण प्रदान करने की …
नई दिल्ली। एथलेटिक्स में भले ही भारत के महाशक्ति बनने के आसार नहीं हो लेकिन भारत की उपकरण निर्माता कंपनियां टोक्यो ओलंपिक स्टेडियम में ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं के दौरान अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज करायेंगी । विश्व एथलेटिक्स ने जिन छह कंपनियों को शॉटपुट, चक्का और तारगोला फेंक स्पर्धाओं के दौरान उपकरण प्रदान करने की मंजूरी दी है।
उनमें भारत की आनंद ट्रैक एंड फील्ड एक्विपमेंट (एटीई), भल्ला इंटरनेशनल और नेल्को शामिल हैं । ये 23 जुलाई से शुरू हो रहे ओलंपिक के दौरान शॉटपुट (7 . 26 किलो), चक्का (दो किलो) और तारगोला (7 . 26 किलो) मुहैया करायेंगी एटीई के आदर्श आनंद ने कहा ,” हम शॉटपुट, चक्काफेंक और तारगोला फेंक में छह छह उपकरण दे रहे हैं । महिला और पुरूष वर्ग की स्पर्धायें मिलाकर हम टोक्यो ओलंपिक में 36 उपकरण देंगें ”।
उन्होंने कहा ,” हमारे उपकरण 1992 बार्सीलोना ओलंपिक से अब तक ओलंपिक में इस्तेमाल हो रहे हैं ।हमारा सफर टोक्यो में 1991 विश्व चैम्पियनशिप से ही शुरू हुआ था । ” कंपनी का पंजीकृत कार्यालय मेरठ में और दिल्ली में फैक्ट्री है । भल्ला इंटरनेशनल भी 36 उपकरण दे रहा है ।
कंपनी के प्रतिनिधि आशीष भलला ने कहा ,” हम रियो ओलंपिक 2016 में उच्च स्तरीय उत्पादों के लिये पुरस्कार जीत चुके हैं । हमारी कंपनी और देश के लिये गर्व की बात है कि हम ओलंपिक का हिस्सा हैं ।” कई खिलाड़ी ओलंपिक में अपने उपकरणों का इस्तेमाल करेंगे लेकिन कई स्पर्धा स्थल पर रैक में रखे उपकरण लेते हैं ।
नीरज चोपड़ा भालाफेंक में नेमेथ या नोर्डिक ब्रांड का भाला इस्तेमाल करते हैं । तीन भारतीय स्वदेशी ब्रांड का इस्तेमाल करेंगे जिनमें तेजिंदर सिंह तूर , सीमा पूनिया और कमलप्रीत कौर शामिल हैं। एक अच्छा शॉटपुट, चक्का या तारगोला 6000 से 10000 रूपये के बीच आता है ।
