यूपी: एटीएस को मिली अल-कायदा आतंकियों की रिमांड, जुटाएगी ये बड़ी जानकारी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। एटीएस के विशेष जज योगेंद्र राम गुप्ता ने आतंकी गतिविधियों में निरुद्ध अभियुक्त शकील, मो. मुईद व मुस्तकीम को सात दिन के लिए एटीएस की कस्टडी मे सौंपने का आदेश दिया है। रिमांड की मांग वाली अर्जी में एटीएस की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया कि उसे आतंकियों द्वारा असलहों को …

लखनऊ। एटीएस के विशेष जज योगेंद्र राम गुप्ता ने आतंकी गतिविधियों में निरुद्ध अभियुक्त शकील, मो. मुईद व मुस्तकीम को सात दिन के लिए एटीएस की कस्टडी मे सौंपने का आदेश दिया है। रिमांड की मांग वाली अर्जी में एटीएस की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया कि उसे आतंकियों द्वारा असलहों को प्राप्त करने के स्त्रोतों का पता लगाना है, साथ ही पहले से गिरफ्तार आतंकियों के साथ इन्हें बैठाकर आमने-सामने की पूछताछ भी करनी है।

कोर्ट ने कस्टडी रिमांड की अवधि 16 जुलाई की शाम 6 बजे से शुरु होने की बात कही है। कोर्ट ने यह आदेश इस मामले के विवेचक व एटीएस के डिप्टी एसपी संजय वर्मा की अर्जी को मंजूर करते हुए दिया है। विगत 15 जुलाई को एटीएस की विशेष अदालत ने तीनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। साथ ही इनकी पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय की थी। शुक्रवार को इस अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह तीनों अभियुक्त जेल से जरिए वीडियो कॉंफ्रेंसिंग अदालत में उपस्थित थे।

वहीं एटीएस ने अपनी अर्जी में कहा कि अभियुक्तों ने कानपुर, लोधी, गाजियाबाद, चंदौली व मुज्जफरनगर से असलहा व कारतूस खरीदा था। इनसे उन स्थानों का चिन्हीकरण कराना है। मोहम्मद मुईद ने लखनऊ में जिस स्थान पर मिनहाज को पिस्टल व कारतूस उपलब्ध कराया था, उस स्थान का भी चिन्हीकरण कर प्वाइंट आउट मेमो तैयार करना है। एटीएस ने कोर्ट को यह भी बताया कि तीनों अभियुक्तों का पहले से कस्टडी रिमांड में चल रहे अभियुक्त मिनहाज व मुसीरुद्दीन से आमना-सामना कराकर सही तथ्यों की जानकारी हासिल करनी है।

साथ ही इनसे बरामद मोबाइल का डाटा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से प्राप्त कर उसका विश्लेषण करना व डाटा की रिकवरी भी करनी है। एटीएस ने यह भी दलील दी कि आसन्न आतंकी खतरे के निराकरण के लिए विवेचना से सम्बंधित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर भी पूछताछ करनी है। घटना में शामिल अन्य सदस्यों की जानकारी भी प्राप्त करनी है। इनसे यह भी पता करना है कि क्या आतंकवाद का कोई पैरलर माड्यूल भी काम कर रहा है। एटीएस ने मांग की कि इन सभी बिन्दूओं पर विस्तृत पूछताछ के लिए उसे अभियुक्तों का दस दिन का कस्टडी रिमांड दिया जाए।

संबंधित समाचार