बरेली: सोशल मीडिया पर शेयर न करें कुर्बानी की तस्वीरें
बरेली, अमृत विचार। ईद-उल-अजहा का त्योहार 21 जुलाई को मनाया जाएगा। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि दरगाह आला हजरत पर सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने दीनी मसाइल पर चर्चा करते हुए कहा कि त्योहार हजरत इब्राहीम की याद में मनाया जाता है। कुर्बानी उन्हीं की सुन्नत है। देश भर …
बरेली, अमृत विचार। ईद-उल-अजहा का त्योहार 21 जुलाई को मनाया जाएगा। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि दरगाह आला हजरत पर सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने दीनी मसाइल पर चर्चा करते हुए कहा कि त्योहार हजरत इब्राहीम की याद में मनाया जाता है। कुर्बानी उन्हीं की सुन्नत है। देश भर के मुसलमान इस सुन्नत को खुशदिली के साथ अदा करें। ईद-उल-अजहा न सिर्फ मजहबी बल्कि इंसानियत का भी त्योहार है।
सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने देश भर के मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि अच्छा मुसलमान और अच्छा शहरी होने की जिम्मेदारी निभाते हुए कुर्बानी करते समय दूसरे मजहब की भावनाओं का खास ख्याल रखें। किसी बंद जगह कुर्बानी कर अवशेष गड्ढे में ही दफन करें। कुर्बानी के फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न करें।
इस मौके पर मुफ्ती सैयद कफील हाशमी, मौलाना बशीरुल कादरी, मौलाना जाहिद रजा, शाहिद नूरी, ताहिर अल्वी, औरंगजेब नूरी, परवेज नूरी, अजमल नूरी, मंजूर खान, हाजी जावेद, मुजाहिद बेग, गौहर खान, इशरत नूरी, सैयद माजिद, हाजी अब्बास नूरी, यूनुस गद्दी, आसिफ रजा, सैयद फरहत, काशिफ सुब्हानी, जोहिब रजा, आसिफ नूरी, शान रजा, तारिक सईद, जुबैर रजा खान, आलेनबी, जुनैद अजहरी आदि लोग मौजूद रहे।
