बरेली: नेकपुर सहकारी समिति की आड़ में कालाबाजारी का खेल
बरेली, अमृत विचार। शहर में साठगांठ से राशन की कालाबाजारी और गैस की घटतौली का गोरखधंधा चल रहा है। जिला प्रशासन भी अंकुश नहीं लगा पा रहा है। राशन की कालाबाजारी में पूर्व में भी कोटेदार पकड़े गए लेकिन अधिकारियों की मेहरबानी से कोटेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई और रिपोर्ट दर्ज होने के …
बरेली, अमृत विचार। शहर में साठगांठ से राशन की कालाबाजारी और गैस की घटतौली का गोरखधंधा चल रहा है। जिला प्रशासन भी अंकुश नहीं लगा पा रहा है। राशन की कालाबाजारी में पूर्व में भी कोटेदार पकड़े गए लेकिन अधिकारियों की मेहरबानी से कोटेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई और रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने भी कार्रवाई नहीं की।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती
नेकपुर सहकारी समिति की आड़ में कोटेदार की शिकायत यदि उपभोक्ता नहीं करते तो शायद इसके खिलाफ भी कार्रवाई नहीं होती। 28 कार्ड धारकों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर जांच करायी गयी। तब कालाबाजारी का मामला खुलकर सामने आया। डीएम के निर्देश पर ही कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।
दुकान प्रत्येक कार्य दिवस में नहीं खुलती
पूर्ति निरीक्षक ने अपनी तहरीर में बताया कि विक्रेता द्वारा की जा रही धांधली के बारे में 28 कार्ड धारकों या उनके परिवार के सदस्यों ने बयान दिए हैं। जिसमें बताया कि दुकान प्रत्येक कार्य दिवस में नहीं खुलती थी। कार्डधारकों का आरोप है कि 1 जुलाई से अब तक मात्र दो या तीन दिन ही कोटेदार ने दुकान खोली थी। कार्ड धारकों ने विक्रेता का रवैया भी संतोषजनक नहीं बताया गया है। फिलहाल कोटेदार दुकान बंद करके फरार है। सूत्रों की मानें तो आरोपी कोटेदार किराए के मकान में अकेला ही रहता है।
सामने नहीं आने पर गहराया शक
मकान मालिक के जरिए फोन पर संपर्क किया तो विक्रेता ने 14 जुलाई को कार्यालय आकर संपर्क करने की बात कही लेकिन विक्रेता ने कार्यालय नहीं आया। दुकान पर नोटिस चस्पा किए जाने के बावजूद विक्रेता ने जवाब नहीं दिया। इससे साफ हो गया कि पूरे राशन की कालाबाजारी की गयी। इसलिए कोटेदार सामने नहीं आ रहा है।
विक्रेता नहीं नहीं लगाया था स्टाक रेट बोर्ड
विक्रेता की धांधली का अंदाजा इसी बात से लागाया जा सकता है कि दुकान पर साइन बोर्ड, स्टाक रेट बोर्ड,सतर्कता समिति के सदस्यों के नाम, खाद्य सुरक्षा आपका अधिकार आदि बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाए गए। सूचना पट पर भी नहीं लिखा गया था कि दुकान किन कारणों से बंद है।
नेकपुर सहकारी समिति के विक्रेता के यहां खाद्यान कम पाया गया है। जिसके बाद उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है। -क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी धर्मेंद्र सिंह
