बरेली: एक महीने बाद बच्ची की हालत में सुधार, अस्पताल से होगी छुट्टी
बरेली,अमृत विचार। करीब डेढ़ महीने पहले गंभीर हालत में मिलीं दो नवजात का रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में निशुल्क इलाज किया गया। डाक्टरों के अनुसार दोनों की हालत में पहले से काफी सुधार है। इनमें से एक बच्ची को शनिवार को पूरी तरह स्वस्थ होने पर पीलीभीत सीएमओ को सौंप दिया गया है। जबकि दूसरी नवजात …
बरेली,अमृत विचार। करीब डेढ़ महीने पहले गंभीर हालत में मिलीं दो नवजात का रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में निशुल्क इलाज किया गया। डाक्टरों के अनुसार दोनों की हालत में पहले से काफी सुधार है। इनमें से एक बच्ची को शनिवार को पूरी तरह स्वस्थ होने पर पीलीभीत सीएमओ को सौंप दिया गया है। जबकि दूसरी नवजात को बुधवार को बरेली सीएमओ के सुपुर्द किया जाएगा।
29 मई को शाही थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में गन्ने के खेत में एक दिन की नवजात की मिली थी। लावारिस होने के चलते पुलिस ने उसे महिला जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। वहां वेंटिलेटर नहीं होने पर सीएमओ के अनुरोध पर रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में बच्ची का इलाज निशुल्क किया जा रहा था।
रोहिलखंड मेडिकल कालेज के बाल रोग विभागध्याक्ष डा. अलका ने बताया कि नवजात की दोनों पैरों की एड़ियों को कीड़े खा गए थे, जिससे उसे सेप्टिसीमिया हो गया है। ब्लड में भी इंफेक्शन फैल गया है और सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है। बिगड़ती तबियत को देखते हुए डाक्टरों ने उसे इलाज के लिए रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। वहीं पीलिया के भी कुछ लक्षण भी नजर आए हैं। प्री मैच्योर होने के चलते उसके फेफड़े, किडनी और अन्य अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था। स्थिति को गंभीरता को देखते हुए बच्ची को एसएनसीयू (सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में रखा गया, जहां डाक्टरों के अनुसार बच्ची की स्थिति पहले से बेहद ठीक है।
रेलवे ट्रैक पर मिली थी बच्ची
रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी डा. फैज शमसी ने बताया कि तीन जून को पीलीभीत जिले में रेल पटरी पर एक दिन की नवजात स्थानीय निवासियों को मिली थी। सीएमओ के अनुरोध पर बच्ची का रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में निशुल्क इलाज किया जा रहा था। वह 15 दिन आईसीयू में भर्ती रही। डाक्टरों के अनुसार जब बच्ची को रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज लाया गया था तो उसको पीलिया, इन्फेक्शन, एक्सरे में एक पसली भी टूटी निकली मिली थी। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डाक्टरों के उपचार से ही बच्ची की हालत में सुधार आया है। उसका वजन भी 130 ग्राम बढ़ा है। पीलीभीत सीएमओ को बच्ची सौंप दी गई है।
