मुरादाबाद : बदला मौसम का मिजाज, दो दिनों तक मध्यम वर्षा के आसार, अब किसानों की होगी बल्ले-बल्ले
मुरादाबाद,अमृत विचार। बेहिसाब गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। अगले तीन दिन तक मौसम सुहाना बना रहेगा। मंगलवार तक क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मानसून की दस्तक के बाद मौसम विज्ञानी प्रसन्न हैं। उनका दावा है कि अब खेती किसानी के कार्य आसान होंगे। मंगलवार तक …
मुरादाबाद,अमृत विचार। बेहिसाब गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। अगले तीन दिन तक मौसम सुहाना बना रहेगा। मंगलवार तक क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मानसून की दस्तक के बाद मौसम विज्ञानी प्रसन्न हैं। उनका दावा है कि अब खेती किसानी के कार्य आसान होंगे। मंगलवार तक क्षेत्र में 60 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है, जबकि बरेली और आसपास में भारी वर्षा की संभावना है।
मध्यम से भारी बारिश होने से महानगर और आसपास के इलाकों में धान की पौध लगाने का कार्य तेज हो जाएगा। अभी धान की रोपाई मात्र 38.82 प्रतिशत हो पाई है। मध्य भारत में मानसून कमजोर पड़ने की वजह से मुरादाबाद-दिल्ली क्षेत्र में गर्मी बढ़ी हुई है। पखवाड़ा भर से मौसम का तापमान 40 से 43 डिग्री तक पहुंच गया था। शनिवार की रात से मौसम का रुख बदलने लगा है।
रविवार को मौसम खुशनुमा रहा। नगर क्षेत्र में मामूली बूंदाबांदी हुई, जबकि देहात क्षेत्र में कई स्थानों पर अच्छी बारिश हुई है। कृषि विश्व विद्यालय पंत नगर के मौसम विज्ञान विभाग के डॉ.आरके सिंह का दावा है कि तीन दिनों तक मानूसनी बारिश होगी। सोमवार और मंगलवार को अच्छी वर्षा की उम्मीद है। यानी मुरादाबाद, रामपुर, संभल जिले में 40 से 60 एमएम बारिश होगी, जबकि बरेली में भारी बारिश की संभावना है। तीन दिनों में बरेली अंचल में 100 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा सकेगी।
खरीफ का आच्छादन लक्ष्य और बोआई का विवरण
धान लक्ष्य (हेक्टेयर में) प्रगति (प्रतिशत)
1-संकर 16000 61.35
2-सुगंधित 31000 32.65
3-अन्य 52107 35.58
बाजरा 3568 100
मक्का 36 100
ज्वार 44 100
उर्द 5514 2.54
मूंग 10 10.00
धान नर्सरी 6607 100
राहत की बारिश से सुधरी महानगर की हवा
मुरादाबाद। वायु प्रदूषण की मार झेल रहे महानगर के लिए रविवार राहत का पैकेज लेकर आया। बारिश और तेज हवा की वजह से हवा में प्रदूषण की मात्रा कम हो गई। हवा में ऑक्सीजन बढ़ने से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि बारिश और मानसून की दस्तक से नगर और आसपास के जिलों की एक्यूआई में सुधार हुआ है। काफी दिनों बाद मुरादाबाद सहित आसपास के जनपदों का वायु गुणवत्ता सूचकांक ग्रीन जोन में दर्ज किया गया।
शहर एक्यूआई
बागपत 96
नोयडा 95
गाजियाबाद 91
मेरठ 81
गेटर नोयडा 80
मुरादाबाद 78
लखनऊ 51
जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने बताया कि जिले में यूरिया के वितरण का लक्ष्य 82000 मीट्रिक टन है, जिसमें 65000 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो गई है। वितरण के बाद 20000 एमटी यूरिया अभी भी बिक्री केंद्रों व बफर गोदामों में स्टोर की गई है। जिले में इसकी मात्रा पर्याप्त है। मेरी अपील है कि किसान संतुलित मात्रा में इसका प्रयोग करें। धान की फसल में तीन से चार बार उपयोग में लाएं। सीजन भर में एक हेक्टेयर फसल में आठ बैग का प्रयोग किया जा सकता है। अधिक रासायनिक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरा शक्ति में कमी आती है। फसल की पत्ती अधिक कोमल और हरी हो जाती है, जिससे कीड़ों के प्रकोप और बीमारी का खतरा रहता है। इसका अधिक प्रयोग खेती में लागत भी बढ़ाता है। इसलिए किसान जोत के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें।
