कानपुर: आयुक्त ने केडीए का किया औचक निरीक्षण, कर्मचारी नदारद, जानें फिर क्या हुआ

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर। कोविड की दूसरी लहर के चलते कई विभागों में पचास फीसद उपस्थित से अभी तक सभी सरकारी कार्यालयों में कार्य हो रहा थे। जबकि, पिछले दस दिनों से ज्यादा समय से दूसरी लहर की थमने के बाद से शासन ने सभी कार्यालयों में कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने के साथ उपस्थिति अनिवार्य कर रखी है। …

कानपुर। कोविड की दूसरी लहर के चलते कई विभागों में पचास फीसद उपस्थित से अभी तक सभी सरकारी कार्यालयों में कार्य हो रहा थे। जबकि, पिछले दस दिनों से ज्यादा समय से दूसरी लहर की थमने के बाद से शासन ने सभी कार्यालयों में कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने के साथ उपस्थिति अनिवार्य कर रखी है। कार्यालयों में विभाग के अनुसार वैक्सीनेशन के कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहे जिससे कर्मचारियों को असुविधा न हो फिर भी कर्मचारी सरकारी आदेशों को ताख पर रख कार्यालयों में अपनी मर्जी से उपस्थित हो रहे है।

शासन ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने और जनता की शिकायतों को प्रभावी ढंग से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस संबंध में सभी विभागों को समय-समय पर विस्तृत आदेश जारी किए हैं। इसी की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए कमिश्नर डॉ. राजशेखर ने सुबह 10:10 से 10:30 बजे के बीच कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) का औचक निरीक्षण किया।

आयुक्त ने केडीए के 21 विभागों का निरीक्षण किया, जिसमें 70 फीसद से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित रहे। कुछ विभागों/अनुभागों में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित रहे। 21 विभागों के कुल 312 कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गई, जिनमें से 218 ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। अधिकांश प्रभारी जोनल अधिकारी (जो अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं) भी नदारत मिले, साथ ही उन्होंने कई महीनों से उपस्थिति रजिस्टर को देखा या चेक नहीं किया है।कुछ अधिकारी और कर्मचारी कई दिनों से अनुपस्थित पाए गए। उपस्थिति रजिस्टर में कोई कारण या टिप्पणी उल्लिखित नहीं है।

आयुक्त डॉ. राजशेखर ने उन सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रभावी कारवाई करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने वीसी केडीए और सचिव केडीए को सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और अगले 3 दिनों में उनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने और उनके अनुसार उचित प्रशासनिक कार्रवाई करने को कहा है।

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