संभल : किसानों ने बैंककर्मियों पर खाते से लाखों रुपये निकालने का लगाया आरोप
संभल/सौंधन,अमृत विचार। सोमवार को तहसील क्षेत्र के सिहावली गांव में यूपी प्रथमा ग्रामीण बैंक के खिलाफ सिहावली गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बैंक मैनेजर के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वाले खाताधारक किसानों का आरोप है कि बैंककर्मियों द्वारा किसानों के खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। कुछ ही महीनों …
संभल/सौंधन,अमृत विचार। सोमवार को तहसील क्षेत्र के सिहावली गांव में यूपी प्रथमा ग्रामीण बैंक के खिलाफ सिहावली गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बैंक मैनेजर के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वाले खाताधारक किसानों का आरोप है कि बैंककर्मियों द्वारा किसानों के खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं।
कुछ ही महीनों में तीन किसानों के खातों से लाखों रुपए निकाल लिए गए हैं। और किसान जब बैंक में जानकारी करने आते हैं तो मैनेजर साहब उलटा हमें ही डांटकर भगा देते हैं। गांव सिहावली में यूपी प्रथमा ग्रामीण बैंक है। जिसमें सिहावली गांव के किसानों ने खाते खोल रखे हैं।
गुरुवार को सुबह युवक तहसीन पुत्र एहसान के मोबाइल पर 18 जूलाई की सुबह खाते से 23 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया और दूसरा नबाब पुत्र एहसान के मोबाइल पर 19 जुलाई की 6 बजे 60 हजार रुपए खाते से निकालने का मैसेज आया। नबाब के खाते में चार लाख 64 हजार रुपए पड़े थे।
20 जुलाई की ईद की छुट्टी होने को कारण गुरुवार को दोनों भाई बैंक पहुंचे और मैनेजर से खाते से पैसे काटने की बात बताई तो मैनेजर ने उन्हें ही उल्टा डांटना शुरू कर दिया। इससे कुछ महीने पहले सिहवली गांव निवासी उर्मिला पत्नी गजेंद्र के खाते से 96 हजार रुपए निकाले गए थे। इससे कुछ महीने पहले किशनवती पत्नी उदयवीर सिंह के खाते से भी 60 हजार रुपए उड़ा लिये थे।
इस पर बैंक मैनेजर महेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि उनके खाते का डाटा और आधार कार्ड किसी ने ले लिया है। अब तक की जांच में पता लगा है कि बदायूं की तरफ से किसी ने यस बैंक की मशीन से 10-10 हजार कर पैसे निकाले हैं। आज भी वहीं वहीं पुराना रटा रटाया जुमला बोल कर किसानों को टरकने का काम कर रहे थे।
इस पर ग्रामीण भड़क उठे और बैंक में हंगामा करने लगे और बैंक प्रबंधक के खिलाफ हाय-हाय के नारे लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बैंककर्मियों के खिलाफ हयातनगर थाने में तहरीर दी है। यदि किसानों के पैसों का जल्द ही निस्तारण नहीं हुआ तो किसान बैंक के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे।
मैनेजर महेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि गांव के लोग लालच में आकर किसी को भी अपना डाटा और आधार कार्ड दे देते हैं और साइबर क्राइम के शिकार हो जाते हैं। ग्रामीणों को चाहिये कि वे अपने खाते का डिटेल्स किसी को भी न बतायें। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है। लेकिन जांच कराई जा रही है।
