बागपत: पुलिस दुर्व्यवहार से आहत संघ नेता के बेटे ने की आत्महत्या, जानें फिर क्या हुआ?

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बागपत। बागपत जिले के रंछाड़ गांव में कथित तौर पर पुलिस की मारपीट और परिजन के साथ दुर्व्यवहार से आहत होकर एक युवक ने सोमवार की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बागपत के पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि बिनौली पुलिस थाने के दस पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें तत्काल प्रभाव …

बागपत। बागपत जिले के रंछाड़ गांव में कथित तौर पर पुलिस की मारपीट और परिजन के साथ दुर्व्यवहार से आहत होकर एक युवक ने सोमवार की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बागपत के पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि बिनौली पुलिस थाने के दस पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (संघ) के स्थानीय नेता के बेटे अक्षय के परिजन ने बताया कि रंछाड गांव के प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग के एक दल ने सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण शिविर लगाया था, जिसमें दोपहर को अक्षय भी अपनी मां मधु (62) को टीका लगवाने पहुंचा था और उसने अपनी मां की उम्र का हवाला देते हुए स्वास्थ्यकर्मियों को पहले उन्हें टीका लगाने को कहा।

उन्होंने बताया कि इससे अक्षय और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच कहा सुनी होने लगी,तभी एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर अक्षय को एक थप्पड़ मार दिया। परिवार ने बताया कि बाद से पुलिस अक्षय के घर पहुंची और उन्होंने वहां तोड़ फोड़ की और विरोध करने पर महिलाओं से अभद्रता भी की और अक्षय की मां मधु, उनकी जेठानी कमलेश व गांव के ही धर्मवीर सिंह को थाने ले गई और अक्षय के खिलाफ बिनौली थाने में मामला दर्ज कर लिया। इस घटनाक्रम के बीच अक्षय ने शाम को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। यह खबर फैलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए मंगलवार सबह तक पुलिस को शव नहीं सौंपा।

बागपत पुलिस ने अक्षय के पिता की शिकायत के आधार पर बिनौली के थाना प्रभारी चन्द्रकान्त पाण्डेय, वरिष्ठ उप निरीक्षक उधम सिंह तालान, सिपाही अश्विनी, मुख्य आरक्षी सलीम व सिपाही मुरली के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने), मारपीट, धमकी समेत कई सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया है। बागपत के पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि अक्षय ने पुलिसकर्मियों से मारपीट की थी, जिससे शिविर में अव्यवस्था फैल गई। उन्होंने बताया कि अक्षय के खिलाफ बिनौली थाने पर सरकारी काम में बाधा डालने व मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी, बाद में उसने आत्महत्या कर ली।

परिजन की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इसी प्रकार की एक अन्य घटना में बलिया जिले में टीकाकरण को लेकर दो समूहों में झड़प में एक चिकित्सक सहित पांच लोग घायल हो गए।

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