दुशांबे में एससीओ की बैठक में शामिल हुए राजनाथ, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की एक बैठक में शरीक हुए, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और अफगानिस्तान में स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। रक्षा मंत्री एससीओ के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए तीन दिनों के दौरे पर मंगलवार …

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की एक बैठक में शरीक हुए, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और अफगानिस्तान में स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। रक्षा मंत्री एससीओ के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए तीन दिनों के दौरे पर मंगलवार को ताजिकिस्तान की राजधानी पहुंचे थे।

एससीओ आठ देशों का एक प्रभावशाली समूह है। बैठक से पहले राजनाथ सिंह ने बेलारूस के अपने समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और रूसी रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोइगु के साथ संक्षिप्त वार्ता की।

रूस में भारतीय दूतावास ने दोनों नेताओं की तस्वीर के साथ ट्वीट किया, ”गर्मजोशी भरी और विश्वसनीय मित्रता, दुशांबे में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक से अलग रूसी रक्षा मंत्री शोइगु के साथ बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। दोनों मंत्रियों ने हमारे रक्षा संबंधों के मजबूत बने रहने की बात दोहराई।” अधिकारियों ने बताया कि बैठक में अपने संबोधन के दौरान सिंह द्वारा आतंकवाद सहित क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों पर चर्चा करने की उम्मीद है।

राजनाथ सिंह के कार्यालय ने बैठक में उनके शामिल होने से जुड़ी तस्वीरें ट्विटर पर साझा की। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में चर्चा में मुख्य जोर क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां और अफगानिस्तान में उभरती स्थिति पर रहा। द्विपक्षीय और परस्पर हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए रक्षा मंत्री के अपने ताजिकिस्तानी समकक्ष कर्नल जनरल शेर अली मिर्जा के साथ बैठक करने की भी उम्मीद है। चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगहे भी एससीओ बैठक में शामिल हो रहे हैं।

ताजिकिस्तान इस साल एससीओ की अध्यक्षता कर रहा है और मंत्रीस्तरीय तथा अधिकारी स्तर की कई बैठकें आयोजित कर रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एससीओ सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए 14 जुलाई को दुशांबे का दौरा किया था।

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