मुरादाबाद : फिरोजपुर गांव में गांगन नदी पर पुल बनवाने की उठी मांग, भाकियू के पदाधिकारियों ने सौंपा ज्ञापन
मुरादाबाद/बिलारी,अमृत विचार। भारतीय किसान यूनियन असली अराजनीतिक ने बिलारी तहसील के कुंदरकी ब्लाक अंतर्गत जैतिया फिरोजपुर गांव में गांगन नदी पर पुल बनवाने की मांग को लेकर उप जिलाधिकारी कार्यालय पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जैतिया फिरोजपुर गांव में चकबंदी अमल में लाए जाने की …
मुरादाबाद/बिलारी,अमृत विचार। भारतीय किसान यूनियन असली अराजनीतिक ने बिलारी तहसील के कुंदरकी ब्लाक अंतर्गत जैतिया फिरोजपुर गांव में गांगन नदी पर पुल बनवाने की मांग को लेकर उप जिलाधिकारी कार्यालय पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में जैतिया फिरोजपुर गांव में चकबंदी अमल में लाए जाने की भी मांग की गई है। बुधवार की दोपहर भारतीय किसान यूनियन असली अराजनैतिक के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी महक सिंह के नेतृत्व में किसान उप जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे। चौधरी महक सिंह ने उपजिलाधिकारी को बताया कि बिलारी तहसील क्षेत्र के कुंदरकी ब्लाक के अंतर्गत जैतिया फिरोजपुर गांव से सट कर गागर नदी बहती है।
गांगन नदी के उस पार जैतिया फिरोजपुर गांव के किसानों की अधिकांश जमीनें हैं। इसके अलावा नदी के उस पार जैतिया सादुल्लापुर गांव स्थित है। उस गांव के तमाम किसानों की जमीनें गागर नदी के इस पार हैं। दोनों गांव के किसानों को खेती करने के लिए अपने खेतों पर गागर नदी के आर पार जाना-आना पड़ता है। इसके अलावा दर्जनों गांव के लोग इस रास्ते का इस्तेमाल मुरादाबाद जाने तथा उस पार के लोग इधर कुंदरकी आने जाने के लिए करते हैं।
बरसात के दिनों में यह आना जाना बंद हो जाता है। क्योंकि नदी में बाढ़ आ जाती है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को इधर से उधर जाने के लिए आरटीओ ऑफिस और पंडित नगला होते हुए 20 किलोमीटर का फासला तय करना पड़ता है। इसके अलावा किसानों के बच्चे पढ़ाई के लिए गांगन नदी के उस पार स्कूलों में जाते हैं। इस प्रयास में कई बच्चे जान से हाथ धो बैठे हैं तथा कई किसान भी शहीद हो चुके हैं। जैतिया फिरोजपुर गांव के पास ही गांगन नदी पर रेलवे का पुल है।
बाढ़ की स्थिति में ग्रामीण इस पुल का उपयोग नदी पार करने के लिए प्रयोग कर लेते हैं। लेकिन, इस प्रयास में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। एक बार तीन बच्ची पुल पार करते समय अचानक ट्रेन से आने से कटकर मर गई थीं। तब से भारतीय किसान यूनियन असली अराजनीतिक ने पुल बनाने की मांग उठानी शुरू की है। इस सिलसिले में भाकियू असली ने जैतिया फिरोजपुर गांव में गांगन नदी के किनारे कई महीने तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी शुरू किया था। लेकिन, कोविड-19 के चलते धरना स्थगित करना पड़ा था।
इसके अलावा इस गांव में अभी तक चकबंदी नहीं हो पाई है । ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी भी शीघ्र कराई जाए। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी महक सिंह ने कहा कि जैतिया फिरोजपुर गांव में पुल का मसला बहुत अहम है। लेकिन राजनीतिक दल इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिस वजह से पुल निर्माण नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने इस संबंध में राजनीतिक दलों से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जैतिया फिरोजपुर गांव में बड़ी पंचायत कर के आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी। ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय महासचिव चौधरी महक सिंह, जिला महासचिव बहोरन सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष कुंदरकी मनवीर सिंह, तहसील उपाध्यक्ष विनोद गिरी, राकेश कश्यप , सियाराम कश्यप, रोहन, मुमताज अली, निलेश कुमार, जाने अली आदि शामिल रहे।
