कानपुर: राज्यपाल का बड़ा बयान, कहा- आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे रोते हुए नहीं, बल्कि….
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं के वितरण कार्यक्रम में बुधवार को सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा पहले आंगनबाड़ी केंद्र कागजों पर चलते थे। जब से नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उनके सामने यह बात रखी, इसके बाद …
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं के वितरण कार्यक्रम में बुधवार को सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा पहले आंगनबाड़ी केंद्र कागजों पर चलते थे। जब से नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उनके सामने यह बात रखी, इसके बाद यह शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा कि जैसा जनांदोलन गुजरात में चलाया वैसा वाराणसी के आंगनबाड़ी में भी चलाएं। इसके बाद पूरा पाठ्यक्रम बना और महिलाओं को सिखाया गया कि बच्चों को कैसे पढ़ाना है। जन्म देने वाले भले ही कोई और हों लेकिन बच्चों को सिखाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, इसलिए इन्हें यशोदा माता कहते हैं। आंगनबाड़ी में बच्चे रोते हुए नहीं हंसते हुए आना चाहिए। उन्हें लगना चाहिए कि वहां खेलने का मौका मिलेगा।
आंगनबाड़ी सबसे गरीब वर्ग के बच्चों के लिए
राज्यपाल ने कहा कि आंगनबाड़ी सबसे गरीब वर्ग के बच्चों के लिए है, दूसरी तरफ उच्च शिक्षा देने वाले कालेज हैं, अब इन दोनों को जोड़ा गया है। नैक में सोशल वर्क होना चाहिए,लेकिन बहुत से लोगों को यह मालूम ही नहीं था। इसके बाद तय हुआ कि एक विश्वविद्यालय पांच गांव और एक कॉलेज को एक गांव गोद लेना है। अगर ऐसा किया गया और सरकारी योजनाओं को उन तक पहुंचाया तो पांच साल में आंगनबाड़ी केंद्रों की तस्वीर बदल सकती है।
उन्होंने कहा,आंगनबाड़ी, आशा और ये सब मिलकर काम करेंगे तो गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी अस्पताल में हो सकेगी। बच्चों की पढ़ाई हो सकेगी। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि यूपी में ताकत नहीं,हमें अपनी ताकत और कौशल को धरती पर उतारना है। सांसद,विधायक,पार्षद सभी मिलकर चेन बनाएं तो यूपी आदर्श प्रदेश बन सकता है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ट्रेनिंग शुरू करेंगे।
संस्थानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को किताबें, कुर्सी,मेज, बर्तन और एजुकेशनल खिलौने बांटे हैं। साथ ही 4 या उससे अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले संस्थानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
