बरेली: 136 बैनामों की जांच में दो करोड़ के स्टांप शुल्क की चोरी पकड़ी
राकेश शर्मा, अमृत विचार। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जून माह तक हुए बैनामों की जांच में स्टांप शुल्क की बड़ी चोरी पकड़ी गयी है। गड़बड़ियां देखकर यही लग रहा है कि उप निबंधन कार्यालयों में मकान, प्लॉट, फ्लैट या अन्य भू-संपत्ति का बैनामा होने के दौरान कागजातों की जांच सही से नहीं हो रही है। …
राकेश शर्मा, अमृत विचार। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जून माह तक हुए बैनामों की जांच में स्टांप शुल्क की बड़ी चोरी पकड़ी गयी है। गड़बड़ियां देखकर यही लग रहा है कि उप निबंधन कार्यालयों में मकान, प्लॉट, फ्लैट या अन्य भू-संपत्ति का बैनामा होने के दौरान कागजातों की जांच सही से नहीं हो रही है। हाल ही में 1426 बैनामों की जांच की गयी जिसमें 136 बैनामों में करीब दो करोड़ रुपए की स्टांप शुल्क की चोरी सामने आयी है। बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जनपदों में गड़बड़ी के मामलों में स्टांपवाद दर्ज कराए गए हैं। पांच दिन पहले मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने स्टांप एवं निबंधन विभाग की समीक्षा की थी, जिसमें गड़बड़ी के ये आंकड़े सभी जनपदों द्वारा रखे गए थे।
547 बैनामों की जांच में 18 में मिली गड़बड़ी
बरेली जनपद में जिलाधिकारी ने 6, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने 117, सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने 212 और उप निबंधक ने 212 बैनामों की जांच की जिसमें 18 बैनामों में गड़बड़ी पायी गयी। 63.35 लाख रुपए के स्टांप शुल्क चोरी का मामला खुला।
195 बैनामों की जांच में 29 बैनामों में 70.10 लाख की गड़बड़ी पकड़ी
शाहजहांपुर में वित्तीय वर्ष 2020-21 में माह जून तक हुए बैनामों में जिलाधिकारी ने पांच की जांच की। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने 12, सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने 52 और उप निबंधक ने 126 बैनामों की जांच की जिसमें 29 बैनामों की जांच में करीब 70.10 लाख रुपए स्टांप शुल्क की चोरी की बात सामने आयी।
426 बैनामों की जांच में 61 में गड़बड़ी पकड़ी गयी
पीलीभीत में जिलाधिकारी ने 14 बैनामों की जांच की। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने 43, सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने 222 और उप निबंधक ने 147 की जांच की जिसमें 61 में स्टांप शुल्क चोरी करने की गड़बड़ी पकड़ी गयी। 20.88 लाख रुपए की कमी दर्ज हुई।
260 की जांच में 28 बैनामों में 43.70 लाख का खेल खुला
बदायूं में जिलाधिकारी ने दो, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने सात, सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने 71 और उप निबंधक ने 180 बैनामों की जांच की जिसमें 28 बैनामों में करीब 43.70 लाख रुपए की स्टांप शुल्क चोरी का मामला सामने आया।
वसूली प्रमाणपत्र जारी फिर भी 2.73 करोड़ नहीं वसूले
स्टांप शुल्क की वसूली में भी जनपद पिछड़ रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। हाल ही में स्टांप वसूली प्रमाणपत्रों के लंबित मामलों की समीक्षा हुई जिसमें सभी जिलों की स्थिति खराब निकली। शाहजहांपुर में 23.48 लाख रुपए वसूलने के लिए 344 वसूली प्रमाणपत्र जारी हुए। पीलीभीत में 36.46 लाख की वसूली के लिए 64 वसूली प्रमाणपत्र जारी हुए। बदायूं में 213.8 लाख रुपए की वसूली के लिए 146 वसूली प्रमाणपत्र जारी किए जिसमें 25 ऐसे हैं जो एक लाख से अधिक वसूली वाले हैं। सभी जिलों के अधिकारियों को वसूली के लिए कमेटी बनाकर जल्द बकाया वसूल करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टांप शुल्क वसूली में बरेली सबसे ज्यादा पिछड़ा
बरेली जनपद में वित्तीय वर्ष 2020-21 में जून माह तक स्टांप से संबंधित 1977 वसूली प्रमाणपत्र जारी किए गए। जिन पर 2857.31 लाख रुपए की धनराशि वसूल करानी है। इसमें 526 ऐसे वसूली प्रमाणपत्र हैं, जिन पर एक लाख से अधिक की रकम वसूल होनी है। उक्त लंबित वसूली मामलों में अधिकारियों को कमेटी बनाकर वसूली की कार्रवाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि 10 बड़ी लंबित आरसी पर तत्काल वसूली कराएं।
